











बीकानेर,माता महालक्ष्मी मन्दिर के 116 वर्ष स्थापना दिवस पर श्रीमाली ब्राहमण समाज द्वारा महालक्ष्मी मन्दिर बेणीसर बारी के बाहर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्ष्यता करते हुए श्रीमाली समाज अध्यक्ष श्याम श्रीमाली ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जो बीज रूप में इस मन्दिर की स्थापना की वह आज वटवृक्ष के रूप में हमारे सामने है। और आज हम इसी वटवृक्ष की छाया में समाजहित के कार्य कर रहे है। यह सब उन्हीं दिवंगत महाविभूतियों की सोच एवं परिकल्पना से ही सम्पन्न हुआ है। समय के साथ-साथ समाज का विकास हुआ, लोग समाजिक सरोकारों से जुड़ने लगे और आज हमारे सामने यह भव्य मन्दिर एवं भवन सभी समुदायों के लिए उपलब्ध हो पाया है। श्रीमाली ने कहा कि समाजिक सहभागिता से ही समाज का उत्थान किया जा सकता है।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि समाजसेवी भारत प्रकाश श्रीमाली ने कहा कि समाज के हर आयुवर्ग के लोगों को समाजिक सरोकारो से जुड़ना चाहिए। जिससे समाज का विकास होता है तथा आने वाली पीढ़ि को मार्गदर्शन मिलता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षाविद् श्रीदत्त दवे ने कहा कि हमें शिक्षा के साथ-साथ समाजहित जैसे कार्यों से जुड़ना चाहिए। हमें अपनी नैतिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ समाज की जिम्मेदारियां भी उठानी चाहिए। इस प्रकार हम मजबूत एवं संगठित समाज की परिकल्पना कर सकते है।
इसी क्रम में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी रमेश श्रीमाली ने कहा कि समाज द्वारा विभिन्न पौराणिक एवं संास्कृतिक गतिविधियों में ज्यादा से ज्यादा संख्या में उपस्थिति दर्ज करवाकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए। जिससे हम युवा पीढ़ि को अपने सास्कृतिक मूल्यों से अवगत करवा सकेगें।
कार्यक्रम में समाज विभूतियों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर सामाजिक सरोकारो, षिक्षा, खेल एवं विशिष्ट सेवाओं हेतु समाज की विभूतियों का सम्मान किया गया।
श्रीमाली समाज के वृहदहस्त भारत प्रकाश श्रीमाली को सामाजिक सरोकार एवं मन्दिर निमार्ण में सक्रिय सहयोग करने हेतु अति विषिष्ट सम्मान से नवाजा गया।
इसी अवसर पर अध्यक्ष बार एसोशिएषन, नागौर के युवा अधिवक्ता पवन श्रीमाली को उनकी सेवाओं तथा सामाजिक मुद्दों पर पहल लेकर कार्य करने हेतु विषिष्ट सम्मान से सम्मानित किया गया।
समाज के वह अनमोल रत्न जिन्होंने अपने कार्यो के द्वारा पूरे प्रान्त में अपनी छवी बनाई उनको विशेष सम्मान दिया गया। नरेष श्रीमाली एवं गोविन्द नारायण श्रीमाली को विभागीय स्तर पर उत्कृष्ट सेवाएं समाज गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। इसी क्रम में समाजिक हितों एवं कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने हेतु भानु, निर्मल श्रीमाली, नवनीत श्रीमाली तथा अनिल श्रीमाली को विषेष सम्मान से नवाजा गया।
कार्यक्रम के दौरान स्वर लहर – 2025 जोधपुर में आयोजित संगीत संध्या में अपनी विशिष्ट पहचान एवं अपने गायन से सबको मंत्रमुग्ध करने वाले प्रतिभागी यश श्रीमाली, उदित श्रीमाली, उर्वी शर्मा, फणीन्द्र श्रीमाली, नितेश ठाकुर एवं प्रियल श्रीमाली को प्रतिक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
समाज के किशोर एवं युवा-युवतियां जिन्होंने शिक्षा एवं खेल के माध्यम से अपना एवं समाज का नाम रोषन किया उनको सप्रतिक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इसमें शिक्षा के क्षेत्र में निमिषा श्रीमाली, विदुषी श्रीमाली, नमन श्रीमाली, नंदनी श्रीमाली, पूर्वा दवे, वैष्णवी श्रीमाली, मोहन श्रीमाली, दिव्यांशु श्रीमाली, आशीष श्रीमाली, शुभम श्रीमाली। खेल के क्षेत्र में कुंज श्रीमाली, श्रेयांश श्रीमाली, ईशा श्रीमाली प्रमुख रहे।
कार्यक्रम के आरम्भ में महालक्ष्मी माता के मन्दिर पर ध्वजारोहण किया गया। क्षेत्रपाल भैरवनाथ और विचित्र हनुमान जी की पूजा अर्चना की गई। श्री महालक्ष्मी माता के पंचामृत एवं श्री धाम पाटन गुजरात से संकल्पित कुंकुम से श्री कमला का सिंदूराभिषेक किया गया। पूजा अर्चना पं रवि शंकर, पं नरेन्द्र, पं मनोज, पं राहुल आदि के आचार्य मंडप सम्पन्न हुई।
कार्यक्रम का संयोजन संजय श्रीमाली ने बहुत प्रभावी एवं जोशभरे उंदाज में किया। माता महालक्ष्मी के 116 दीप ज्योत की महाआरती के साथ कार्यक्रम सम्पन हुआ।
