











बीकानेर,तेरापंथ समाज के युवा एवं किशोरों द्वारा जप अभ्यर्थना 2.0 के अंतर्गत 54 दिनों तक अखंड जप का क्रम पूर्ण निष्ठा एवं अनुशासन के साथ अनवरत संचालित हुआ। सर्वांगीण विकास के लक्ष्य को लेकर कार्यरत संस्था अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के तत्वावधान में यह विराट आयोजन नेपाल सहित देश-भर में फैली शाखा परिषदों के माध्यम से दिनांक 15 दिसंबर 2025 से 6 फरवरी 2026 तक (लगातार 54 दिन) संपन्न हुआ।
साध्वी संगीतश्रीजी एवं साध्वी डॉ परमप्रभाजी के पावन सानिध्य में आज मालू भवन में सुबह 10-11 1घंटा जप किया गया,जिसमें परिषद् अध्यक्ष विक्रम जी मालू, मंत्री पीयूष जी बोथरा सहित तेयुप व तेकिम के सदस्य , श्रावक- श्राविका सामाज,आदि गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पवन मांडोत ने जानकारी देते हुए बताया कि तेरापंथ के आद्य प्रवर्तक महामना आचार्य श्री भिक्षु के जन्म त्रिशताब्दी वर्ष एवं तेरापंथ के विकास पुरुष गणाधिपति आचार्य श्री तुलसी की दीक्षा शताब्दी के पावन अवसर पर युवाओं एवं किशोरों द्वारा यह विशेष जप-अभ्यर्थना की गई।
यह जप-अभ्यर्थना तेरापंथ धर्म संघ के संस्थापक आचार्य श्री भिक्षु की जन्मस्थली कंटालिया (राजस्थान) से नवम आचार्य गणाधिपति श्री तुलसी की जन्मस्थली लाडनूं (राजस्थान) तक, तेरापंथ धर्म संघ के वर्तमान आचार्य युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी की विहार यात्रा के दौरान की गई।
इस महाआयोजन का शुभारंभ स्वयं युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के मुखारबिंद से
“ॐ भिक्षु ॐ भिक्षु ॐ भिक्षु ॐ, जय तुलसी जय तुलसी जय तुलसी जय”
मंत्र जप के साथ हुआ, जिसमें हजारों युवा एवं किशोर सहभागी बने।
राष्ट्रीय महामंत्री श्री सौरभ पटावरी ने बताया कि अभ्यर्थना 2.0 के अंतर्गत 54 दिनों तक अखंड जप का क्रम सतत रूप से चला, जिसमें देश-विदेश की सभी परिषदें पूर्ण उत्साह एवं सहभागिता के साथ जुड़ी रहीं।
तपोयज्ञ आयाम के राष्ट्रीय प्रभारी श्री देव चावत ने जानकारी दी कि इस 54 दिवसीय अखंड जप में 340 परिषदों की सहभागिता रही, जिसमें कुल 6520 घंटे निरंतर जप संपन्न हुआ तथा 13,000 से अधिक युवाओं ने इसमें सक्रिय सहभाग निभाई।
आयाम के राष्ट्रीय सह-प्रभारी श्री विनोद मुथा ने बताया कि इस आयोजन में तपोयज्ञ टीम, अभातेयुप के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ देश की युवा शक्ति एवं संपूर्ण श्रावक समाज का भी सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ।
