











बीकानेर,जिला प्रशासन तथा राजीविका द्वारा आयोजित हो रहे सात दिवसीय ‘राजसखी बीकाणा मेला’ के दूसरे दिन शुक्रवार को बड़ी संख्या में आमजन की भागीदारी रही। मेले में देशभर के विभिन्न राज्यों से आए महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद आकर्षण का केन्द्र रहे।
राजीविका के जिला परियोजना प्रबंधक दिनेश मिश्रा ने बताया कि दूसरे दिन शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं भी बड़ी संख्या में आई। मेले में लगभग सौ स्टाल्स लगाए गए हैं। इनमें 85 बीकानेर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से तथा पंद्रह अन्य राज्यों के हैं। इनमें गुजरात, मध्यप्रदेश, जम्मू-कश्मीर और छत्तीसगढ़ की महिलाएं भी शामिल हैं। शुक्रवार को महिलाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। मेला 11 फरवरी तक प्रातः 10 से रात्रि नौ बजे तक आमजन के लिए खुला रहेगा।
मेले के दौरान लगाया गया फूड कोर्ट, पादुका जोन और स्वाद जोन भी आकर्षण का केन्द्र रहा। स्वयंसेवी समूहों द्वारा तैयार अचार, मसाले, मूल्य संवर्धित उत्पादों की खरीद हुई। शनिवार और रविवार को अवकाश का दिन होने के कारण मेला स्थल पर अधिक लोगों की आवाजही तथा खरीदारी की संभावना है। इस दौरान जिला प्रबंधक मणिशंकर हर्ष, प्रबंधक (वित्त) अशोक माहेश्वरी, ब्लाॅक काॅर्डिनेटर रघुनाथ डूडी आदि मौजूद रहे।
*स्वयं सहायता समूहों के गठन से तीन गुनी हुई आय*
मेले में गजनेर की माजीसा स्वयं सहायता समूह की सुमित्रा कुमावत ने बताया कि वह पापड़, बड़ी, मूंगोड़ी और अचार बनाती है। पहले अपने स्तर पर काम करती तो दिन के सौ-डेढ़ सौ रुपए ही कमा पाती। अब राजीविका के स्वयं सहायता समूह से जुड़ने पर प्रतिमाह पंद्रह से बीस हजार रुपए तक कमा लेती है। उसने बताया कि सरकार ने उसे बेहतरीन प्लेटफाॅर्म उपलब्ध करवाया है। यहां उसके उत्पादों का पूरा मोल मिल जाता है तथा प्रचार भी होता है।
तेजरासर की मां भटियाणी स्वयं सहायता समूह की फातमा ने बताया कि वह कपड़े के थैले, रोटी रखने के टिफिन सहित अन्य आइटम बनाती है। उसने बताया कि एसएचजी से जुड़ने के बाद उसे आर्थिक लाभ हुआ है। उसने राज्य सरकार द्वारा लगाए जा रहे राजसखी मेले की सराहना की और कहा कि महिलाओं को संबल प्रदान करने के लिए यह बेहतरीन पहल है।
*मुख्यमंत्री से जयपुर में मिली कश्मीर की ताईबा, कहा-राजसखी मेले से प्रमोट हुए उत्पाद*
मेले में कश्मीर के मलिकापुरा फ्रेंड एसएचजी की ताईबा भी कश्मीरी स्टाॅल्स के विक्रय के लिए आई है। उसने बताया कि जयपुर में आयोजित राजसखी मेले मे उसकी मुलाकात मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा से हुई। मुख्यमंत्री ने उसके उत्पादों का सराहा और इसे प्रमोट किया। उसने कहा कि राजस्थान में आयोजित यह मेले महिलाओं को संबल देने वाले हैं।
मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले से खादी की चद्दर सहित अन्य उत्पादों का विक्रय करने आई ज्ञानदीप एसएचजी की ज्ञानदेवी ने बताया कि वह भरतपुर, अजमेर सहित विभिन्न स्थानों पर राज्य सरकार की ओर से आयोजित मेलों में भाग ले चुकी हैं। बीकानेर में भी उसे सकारात्मक अनुभव मिला है। उसने बेहतरीन आयोजन के लिए मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा का आभार जताया।
*योजनाओं पर आधारित साहित्य का किया वितरण*
मेले के दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं पर आधारित साहित्य का वितरण किया गया। जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक हरि शंकर आचार्य ने बताया कि महिलाओं को योजनाओं की जानकारी दी गई तथा महिला सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में बताया।
