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बीकानेर,अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (उच्च शिक्षा) राज्य की उच्चशिक्षा व्यवस्था से जुड़े एक अत्यंत गंभीर नीतिगत एवं दूरगामी प्रभाव वाले विषय को लेकर बीकानेर के विभिन्न महाविद्यालयों में विरोधस्वरूप काली पट्टी बांधकर जिला प्रशासन को ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। महासंघ का यह सुविचारित मत है कि राजसेस योजना के अंतर्गत स्थापित महाविद्यालयों का वर्तमानस्वरूप, संरचना एवं संचालन पद्धति राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के विपरीत होने के साथ-साथ राज्य की उच्च शिक्षा को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में अपेक्षित दिशा के उलट ले जाने वाली सिद्ध हो रही है। इन महाविद्यालयों में स्थायी अकादमिक ढांचे का अभाव पर्याप्त संरचना एवं संसाधनों की कमी, शोध एवं नवाचार की संभावनाओं का न होना, विस्तार के नाम पर संस्थागत विखंडन, संविदा अथवा अस्थायी नियुक्तियों पर आधारित अध्यापन व्यवस्था तथा दीर्घकालिक एवं समेकित योजना के बिना नए महाविद्यालयों अथवा विषयों की निरंतर घोषणाएं ये सभी ऐसे गंभीर चिंता के बिंदु हैं जो राज्य की उच्च शिक्षा को गुणवत्ता, बहु विषयकता, निरंतरता एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धा से दूर ले जाते हैं।इन समस्त विषयों को महासंघ द्वारा समय समय पर विभिन्न पत्रों, ज्ञापनों, प्रतिवेदनों, मीडिया संवाद, व्यक्तिगत वार्ताओं एवं संगठनीय अधिवेशनों के माध्यम से राज्य सरकार के संज्ञान में स्पष्ट रूप से लाया जाता रहा है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 जिसे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के स्वप्न का आधार माना गया है उच्च शिक्षा को बड़े बहुसाधन संपन्न एवं स्थायी संसाधनों के रूप में विकसित करने पर बल देती है। राजसेस योजना का वर्तमान स्वरूप इस दृष्टि से बिल्कुल विपरीत है और इसे यथावत बनाए रखना राज्य की उच्च शिक्षा को राष्ट्रीय धारा से पीछे ले जाने वाला सिद्ध होगा।अतः महासंघ का विनम्र निवेदन है कि
1. राजसेस योजना के अंतर्गत संचालित महाविद्यालयों, विषयों के संबंध में गठित सोडाणी समिति की सिफारिशों को शीघ्र सार्वजनिक कर लागू किया जाए।
2. राज्य में संचालित सभी 374 राजसेस महाविद्यालयों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप सामान्य राजकीय महाविद्यालयों के रूप में विकसित किया जाए।
3. भर्ती परीक्षा कैलेंडर 2026 के क्रमांक 41 पर अंकित संविदा टीचिंग एसोसिएट आदि संवर्गों की चयन और नियुक्ति प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।
इन सभी विषयों को सरकार के संज्ञान में लाने के लिए प्रतीकात्मक बीकानेर जिले के समस्त महाविद्यालयों में आज विरोधस्वरूप काली पट्टी बांधी गई।
यह विरोध राजकीय डूंगर महाविद्यालय बीकानेर, राजकीय महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय बीकानेर, महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय बीकानेर, राजकीय मुरलीधर व्यास नगर महाविद्यालय बीकानेर, राजकीय गंगा शहर महाविद्यालय बीकानेर तथा राजकीय विधि महाविद्यालय बीकानेर एवं जिले के समस्त महाविद्यालयों में काली पट्टी बांधकर विरोध किया गया।

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