











बीकानेर,जयपुर, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश में विभिन्न कारणों से रिक्त चल रही 2 हजार 42 उचित मूल्य की दुकानों के साक्षात्कार और आवंटन का कार्य प्रक्रियाधीन है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि आगामी 2 माह में इन दुकानों के आवंटन का कार्य पूरा किया जा सकेगा।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक ललित मीना द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने बताया कि बारां जिले में 100 क्विंटल से अधिक बकाया गेहूं वाली 77 उचित मूल्य की दुकानों में से 36 दुकानों को निरस्त किया गया था। इनमें 3 दुकानों का आवंटन किया जा चुका हैं तथा 14 दुकानों के आवंटन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि शेष 19 दुकानों के मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं।
इससे पहले सदस्य के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 636 राशन डीलर हैं, जिनकी पोस मशीन के रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक में 100 क्विंटल से अधिक गेहूं बकाया (शोर्टेज) पाया गया है। इन राशन डीलरों में से 501 उचित मूल्य दुकानदारों को निलम्बित किया गया है। इनमें से 394 के प्राधिकार पत्र निरस्त किये गये हैं। उन्होंने इनका जिलेवार संख्यात्मक विवरण सदन के पटल पर रखा।
गोदारा ने बताया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत राजस्थान खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक पदार्थ (वितरण का विनियमन) आदेश 1976 के तहत उचित मूल्य दुकानदारों द्वारा गबन व अनियमितता किये जाने पर उनके प्राधिकार पत्र निलम्बन, निरस्त एवं प्रतिभूति राशि को जब्त किये जाने के प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में उचित मूल्य दुकानदारों के विरुद्ध गबन व अनियमितता के प्रकरणों में राशि की वसूली की कार्यवाही के निर्देश प्रदान किये हुये हैं। अब तक 21 उचित मूल्य दुकानदारों से वसूली की जा चुकी है एवं 244 उचित मूल्य दुकानदारों के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज हुई है।
