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बीकानेर,आज संसद में देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया। यह बजट सतत् विकास, तकनीकी नवाचार और समावेशी अर्थव्यवस्था पर केंद्रित है। बजट में ’सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को दोहराते हुए बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के लिए रिकॉर्ड आवंटन किया गया है।

बजट की प्रमुख रूप से देश के बुनियादी ढांचे और रेलवे के विकास के लिए सरकार ने पूंजीगत व्यय को 9 प्रतिशत बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने के साथ हाई-स्पीड रेल कॉरिडोरः देश में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है। बीकानेर-जयपुर रेल सड़क मार्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए बुनियादी ढांचा कोष से आवंटन की उम्मीद है।
बीकानेर एशिया की सबसे बड़ी ऊन मंडी है। बजट में घोषित ‘‘नेशनल फाइबर स्कीम’’ के तहत ऊन और हथकरघा क्लस्टरों को आधुनिकीकरण के लिए फंड आवंटित किया गया है, जिसका सीधा लाभ बीकानेर के ऊन व्यापारियों और बुनकरों को मिलेगा। एम.एस.एम.ई. योजना के तहत राज्य के लघु उद्योगों और व्रूपारियों के लिए पी.एफ.-ई.एस.आई. अंशदान जमा करने के नियमों में ढील दी गई है, जिससे राजस्थान के व्यापारिक केंद्रों को कर राहत मिलेगी।
बजट में महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए राजस्थान के हर जिले में कामकाजी महिलाओं/छात्राओं के लिए एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।
इस बजट में शिक्षा और चिकित्सा पर सरकार द्वारा आम-आदमी को राहत प्रदान करते हुए कैंसर और डायबिटीज जैसी बीमारियों के इलाज को सस्ता करने के लिए सीमा शुल्क में कटौती की गई है। साथ ही विदेश भेजे जाने वाले विदेश में पढ़ने जाने वाले बच्चो के खर्च पर भी राहत प्रदान की गई है।
देश को ग्रीन एनर्जी हब बनाने के लिए राजस्थान को ‘‘सोलर हब’’ से ‘‘सोलर कंज्यूमर’’ बनाने पर जोर दिया है। पीएम सूर्य घर योजना के तहत सब्सिडी बढ़ाने और ग्रीन हाइड्रोजन मिशन से राजस्थान और बीकानेर जिले को सीधा लाभ मिलेगा।
भारत कृषि प्रधान देश है, इसको ध्यान में रखते हुए किसानों की सहायता के लिए एक बहुभाषी ए.आई. टूल लॉन्च किया गया है, जो मौसम और खेती से जुड़ी सटीक सलाह देगा साथ ही विशेष कृषि योजना के तहत नारियल, काजू, बादाम और चंदन जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाओं की घोषणा की गई है।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। साथ ही इस वर्ष का कुल बजट आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। इस बजट में नई कर व्यवस्था के सरलीकरण पर जोर दिया गया है।
2026-27 में प्रस्तुत इस बजट से स्पष्ट होता है कि यह बजट न केवल वर्तमान की जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का मार्ग भी प्रशस्त करता है। सरकार का मुख्य ध्यान विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), रोजगार सृजन और डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा देने पर है।

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