











बीकानेर,केंद्रीय बजट 2026 राजस्थान के साथ सौतेले व्यवहार का स्पष्ट उदाहरण है। देश के सबसे बड़े राज्य का बजट भाषण में उल्लेख तक न होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। ERCP को राष्ट्रीय दर्जा नहीं दिया गया और न ही राजस्थान के लिए किसी नई रेलवे, मेट्रो, एक्सप्रेस-वे या जल परियोजना की घोषणा की गई।
पूर्व मंत्री भाटी ने कहा कि यह बजट किसान, गरीब, मजदूर, महिला और बेरोजगार विरोधी है। मनरेगा में राज्यों पर 40 प्रतिशत बोझ डालकर काम के अधिकार को कमजोर किया गया है। युवाओं के रोजगार को लेकर कोई ठोस रोडमैप नहीं है और AI से पैदा होने वाली बेरोजगारी की चुनौती पर सरकार पूरी तरह मौन है।
पूर्व मंत्री भाटी ने बताया कि इस बजट में महंगाई नियंत्रण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला स्वावलंबन के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। छोटे उद्यमियों और मध्यम वर्ग की उपेक्षा करते हुए विदेशी निवेशकों को कर राहत देना जनविरोधी सोच को दर्शाता है।
कुल मिलाकर यह बजट ऊंची दुकान, फीका पकवान साबित हुआ है— इस बजट में आम जनता की उम्मीदों का घोर अभाव है।
