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बीकानेर,शिव नगर स्थित आदर्श बस्ती में रविवार को आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन भव्यता, अनुशासन और प्रेरक संदेशों के साथ संपन्न हुआ। सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन, मातृशक्ति, युवा वर्ग एवं स्थानीय नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। पूरे आयोजन का वातावरण राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना से ओत-प्रोत नजर आया।

सम्मेलन में मुख्य अतिथि महाराज विश्ववर्मानंद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जोधपुर प्रांत के सह कार्यवाह धन्नाराम, विशिष्ट अतिथि महावीर सिंह , ग्रंथी तारा सिंह , शिवनगर संघचालक डॉ. राजेन्द्र, संयोजक रितेश अरोड़ा तथा बहन ऋतु मित्तल मंचासीन रहे। अतिथियों का पारंपरिक स्वागत किया गया।

कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र ने सभी का मन मोह लिया। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर भावपूर्ण नृत्य, सामूहिक गायन एवं अनुशासित प्रस्तुतियों के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। बच्चों की मासूम लेकिन सशक्त अभिव्यक्ति ने यह संदेश दिया कि यदि बचपन से ही संस्कार, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी का बीज बोया जाए, तो एक सशक्त और संवेदनशील समाज का निर्माण संभव है।

इसके पश्चात बच्चों द्वारा प्रस्तुत लघु नाटक सम्मेलन का विशेष आकर्षण रहा। नाटक के माध्यम से बच्चों ने समाज को छुआछूत से दूर रहने, स्वच्छता अपनाने, सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाने, जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रभावशाली संदेश दिया।
बच्चों ने मंच से जोरदार स्वर में “जल है तो कल है” का नारा लगाकर जल संरक्षण का महत्व समझाया तथा “एक पेड़ माँ के नाम” के भावनात्मक संदेश के साथ सभी को अधिक से अधिक पौधारोपण करने के लिए प्रेरित किया। उनकी प्रस्तुति पर सभागार तालियों से गूंज उठा।

इस अवसर पर ग्रंथी तारा सिंह जी ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में मोबाइल फोन बच्चों के लिए अत्यधिक नुकसानदायक बनता जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को मोबाइल से दूर रखकर खेल-कूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और शारीरिक अभ्यासों से जोड़ें, ताकि उनका शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास संतुलित रूप से हो सके।

मुख्य वक्ता धन्नाराम ने अपने उद्बोधन में संत रविदास को नमन करते हुए उनके प्रेरक प्रसंगों का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर हिंदू समाज को संगठित करने तथा मानव कल्याण के लिए पंच परिवर्तन की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।

मुख्य अतिथि महाराज विश्ववर्मानंद ने बच्चों के प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में संस्कार, समरसता, राष्ट्रभक्ति और पर्यावरण संरक्षण की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने आयोजकों को इस प्रेरणादायी कार्यक्रम के लिए साधुवाद दिया। मंचासीन अन्य अतिथियों ने भी सम्मेलन की सफलता की सराहना की।

विराट हिन्दू सम्मेलन में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति, सामाजिक जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी प्रस्तुतियाँ सभी उपस्थितजनों के लिए प्रेरणास्रोत बनीं और आयोजन को अविस्मरणीय बना गईं।कार्यक्रम के समापन पर सामूहिक भोज की व्यवस्था की गई, जिसमें सभी उपस्थित श्रद्धालुओं एवं नागरिकों ने सहभागिता की।

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