











बीकानेर,सरकार के इस बजट में आम जनता के लिए कुछ नहीं है। न तो करों में राहत, न ही महंगाई पर काबू पाने के लिए कोई ठोस कदम। बजट में किसानों की आय दोगुनी करने के वादे को एक बार फिर से नजरअंदाज किया गया है तो वहीं पूंजीगत खर्चों में बढ़ोतरी की घोषणा नहीं की गई है, जो आर्थिक विकास के लिए आवश्यक थी। इसके अलावा, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपर्याप्त आवंटन ने निराशा बढ़ाई है। रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए भी कोई ठोस पहल नहीं की गई है। आयकर स्लैब में बड़े बदलाव न होने से वेतनभोगी वर्ग की निराशा बढ़ी है। कुल मिलाकर, यह बजट आम जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता है और सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाता है। लगता है सरकार की प्राथमिकता सिर्फ बड़े उद्योगपतियों और कॉर्पाेरेट जगत को खुश करना है, न कि आम जनता की समस्याओं का समाधान करना।
