











बीकानेर,पिछले 1–2 वर्षों से उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के विभिन्न जिलों में पर्यावरण प्रेमियों, संत समाज एवं सर्व समाज द्वारा हरे वृक्षों, विशेषकर खेजड़ी वृक्ष की अंधाधुंध कटाई को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की जा रही थी। इसी क्रम में गत वर्ष अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में मुख्यमंत्री कार्यालय में माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल जी शर्मा के साथ संत समाज एवं पर्यावरण प्रेमियों की एक महत्वपूर्ण एवं विस्तृत चर्चा हुई थी। आज़ादी के बाद यह पहली बार था जब किसी सरकार अथवा सरकार के मुखिया ने इस अत्यंत संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण विषय के प्रति इतनी गंभीरता एवं संवेदनशीलता दिखाई। उस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया था कि आगामी विधानसभा सत्र में खेजड़ी सहित हरे वृक्षों की कटाई पर प्रभावी रोकथाम हेतु कठोर कानून बनाया जाएगा।
आज इसी विषय को लेकर राज्य मंत्री के.के. बिश्नोई, विधायक पब्बाराम बिश्नोई, पूर्व सांसद एवं जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह बिश्नोई तथा भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से विस्तृत चर्चा की । मुख्यमंत्री ने अपने वादे के अनुरूप जानकारी दी कि उन्होंने पहले ही विधि मंत्री जोगाराम पटेल एवं अपने प्रधान सचिव अखिल अरोड़ा को निर्देशित कर रखा है कि देश के विभिन्न राज्यों में लागू ऐसे कानूनों का गहन अध्ययन करते हुए एक सख्त एवं प्रभावी विधेयक का प्रारूप तैयार किया जाए। इस विधेयक को आगामी कैबिनेट बैठक में अनुमोदन हेतु प्रस्तुत कर, इसी बजट सत्र में विधानसभा में विधेयक के रूप में लाया जाएगा तथा सदन में व्यापक चर्चा के पश्चात पारित करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि खेजड़ी वृक्ष की अंधाधुंध कटाई पर रोक लगाने हेतु राज्य सरकार इसी बजट सत्र में विधेयक लेकर आएगी। यह निर्णय पर्यावरण प्रेमियों, संत समाज एवं आमजन की भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को एक मजबूत एवं प्रभावी कानूनी आधार प्रदान करेगा।
