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बीकानेर,जिला कांग्रेस कमेटी देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग एवं शहर अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल, केबिनेट मंत्री बी.डी. कल्ला, गोविन्दराम मेघवाल, पूर्व अध्यक्ष यशपाल गहलोत के सानिध्य में गांधी पार्क, स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यापर्ण व पुष्पांजलि अर्पित कर तथा दो मिनट का मौन रखकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनका स्मरण किया गया। इस अवसर पर कांग्रेसजनों ने ‘‘महात्मा गांधी अमर रहें’’ व ‘‘जब तक सूरज चांद रहेगा गांधी जी का नाम रहेगा’’ आदि नारे लगाये। साथ ही मनरेगा जो कि महात्मा गांधी के नाम पर थी उसे खत्म करने पर विरोध स्वरूप नारे लगाये गये।

देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने गांधी के विचारों पर चलने का संकल्प लेते हुए कहा कि “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का संपूर्ण जीवन सत्य, अहिंसा, त्याग और मानव सेवा का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने न केवल भारत को आज़ादी दिलाई, बल्कि समाज को नैतिकता, सद्भाव और भाईचारे का मार्ग दिखाया। गांधी का मानना था कि बिना नैतिक मूल्यों के कोई भी राष्ट्र सशक्त नहीं बन सकता। आज जब देश और समाज अनेक प्रकार की चुनौतियों से जूझ रहा है, तब गांधी जी के विचारों को अपनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही सामाजिक समरसता, शांति और लोकतंत्र को मजबूत किया जा सकता है।”

शहर अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल ने कहा कि “महात्मा गांधी केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं हैं, वे आज भी हमारे विचार, व्यवहार और संघर्षों का मार्गदर्शन करते हैं। उनका बलिदान हमें यह सिखाता है कि सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर सबसे बड़े अन्याय और तानाशाही का भी सामना किया जा सकता है। कांग्रेस पार्टी की विचारधारा गांधी के सिद्धांतों पर आधारित रही है और आगे भी उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करती रहेगी। गांधी जी का निर्वाण दिवस हमें आत्मचिंतन और संकल्प का अवसर देता है।”

पूर्व केबिनेट मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन संघर्ष, त्याग और सेवा की अनुपम मिसाल है। उन्होंने हमें सिखाया कि सत्य और नैतिकता के मार्ग पर चलना कठिन जरूर है, लेकिन यही मार्ग अंततः विजय दिलाता है। उनके बलिदान ने हमें आज़ादी दिलाई और उनका विचार हमें आज भी सही और गलत के बीच अंतर करना सिखाता है। गांधी जी का स्मरण करना केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प है।

पूर्व केबिनेट मंत्री गोविन्दराम मेघवाल ने कहा कि “महात्मा गांधी ने पूरी दुनिया को यह सिखाया कि हिंसा से नहीं, बल्कि प्रेम, सहनशीलता और सत्य से स्थायी परिवर्तन संभव है। उन्होंने धर्म, जाति और वर्ग से ऊपर उठकर मानवता का पाठ पढ़ाया। आज जब समाज में वैमनस्य और विभाजन की भावना बढ़ रही है, तब गांधी जी के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही देश में सामाजिक एकता और आपसी सौहार्दृ कायम रखा जा सकता है।”

पूर्व अध्यक्ष यशपाल गहलोत ने कहा कि आज के युवाओं के लिए महात्मा गांधी का जीवन एक संपूर्ण पाठशाला है। अनुशासन, सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रभक्ति उनके जीवन के मूल आधार थे। यदि युवा पीढ़ी गांधी जी के विचारों को अपने जीवन में अपनाए, तो न केवल अपना भविष्य संवार सकती है, बल्कि देश को भी नई दिशा दे सकती है। गांधी जी का संदेश है कि बदलाव बाहर से नहीं, बल्कि स्वयं के भीतर से शुरू होता है।

महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशिकला राठौड़ ने कहा कि महात्मा गांधी ने महिलाओं को केवल सहयोगी नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की मजबूत शक्ति माना। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, निर्णय लेने और संघर्ष में आगे आने के लिए प्रेरित किया। आज महिलाएं जिस आत्मविश्वास के साथ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, उसमें गांधी जी की सोच और संघर्ष की गहरी छाप दिखाई देती है। गांधी जी का जीवन महिलाओं के लिए सम्मान, समानता और अधिकार की प्रेरणा है।

जिला महासचिव (संगठन) प्रहलादसिंह मार्शल ने बताया कि प्रदेश महासचिव गजेन्द्र सिंह सांखला, वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री सुषमा बारूपाल, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण गोदारा, ओ.बी.सी. अध्यक्ष ओमप्रकाश सैन, श्रवणकुमार रामावत, श्यामसुन्दर मूंधड़ा, आनन्द सिंह सोढ़ा, सुमित वल्लभ कोचर, डॉ. प्रीति मेघवाल, तोलाराम सियाग, शर्मिला पंचारिया आदि ने भी सम्बोधित किया।

मार्शल ने बताया कि इस कार्यक्रम में गिरधारी लाल प्रजापत, मनोज किराडू, मुमताज शेख, नवनीत कौर, आशा देवी स्वामी, सरोज सुरेश सरगरा, पूनमचन्द भाम्भू, डॉ. लक्ष्मण व्यास, सुरेन्द्र डोटासरा, याकूब अली कल्लर, एजाज अहमद पठान, जाकीर हुसैन, प्रेम जोशी, भीखाराम मेघवाल, जयकिशन गहलोत, रामनाथ आचार्य, मनोज गहलोत, बृजरतन पंचारिया, हरि प्रकाश वाल्मीकि, मो. अकरम सम्मा, विजय सिंह शेखावत, दिनेश मीणा, कमल साध, मुकेश आचार्य, कामेश्वरप्रताप सिंह, संजय गोयल, ओमप्रकाश, हाजिर खां, बलराम, ईमरताराम, मुकेश जोशी, मो. फारूक, कमल गोयल, नजरूल इसलाम, यकीनुदीन डग्गा, मो. आरिफ, अब्दुल शकूर सिसोदिया, कमल कुमार नागल, प्रेम कुमार दैया, गौरीशंकर, अब्दुल रहमान लोदरा, मो. आरिफ भुट्टा, श्याम रामावत, रामसिंह मेघवाल, शान्तिलाल मेघवाल, रईस अली, मुबारक हुसैन, निर्मल बिश्नोई, रविकान्त वाल्मीकि, राजकुमार सैन, रमेश भादू, अभिषेक सिंह शेखावत, आदि सहित अनेक कांग्रेसजन उपस्थित रहें।

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