











बीकानेर,खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का ध्येय है कि प्रदेश में खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत संचालित गिव-अप अभियान प्रदेश का देश में दूसरा ऐसा अभियान है, जिसे एक मॉडल के रूप में अपनाया गया है।
मंत्री गोदारा ने बताया कि प्रदेश में अब तक 54 लाख 49 हजार 778 नागरिकों ने स्वेच्छा से योजना से अपना नाम हटाया है। इनमें से बाड़मेर जिले से 1 लाख 56 हजार 654 नागरिकों ने स्वेच्छा से गिव-अप किया है। 26 जनवरी, 2025 को पोर्टल खोले जाने के बाद एक वर्ष की अवधि में जिले में दोगुनी संख्या में 3 लाख 8 हजार 429 नए पात्र लाभार्थियों के नाम खाद्य सुरक्षा योजना में जोड़े गए हैं। शिव विधानसभा क्षेत्र से 43 हजार 42 लोगों द्वारा गिव-अप किया गया है जबकि 82 हजार से अधिक नए नाम जोड़े गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में योजना के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 11 लाख स्थान रिक्त हैं, जिन पर पात्र व्यक्ति अपना नाम जुड़वाकर खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य रविंद्र सिंह भाटी द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने बताया कि बाड़मेर जिले में खाद्य सुरक्षा योजना से पृथक हुए परिवारों में से समावेशन श्रेणी की पात्रता के संबंध में कुल 1525 आवेदन/परिवेदनाएं प्राप्त हुई हैं। इनमें से 802 परिवारों को पुनः योजना में सम्मिलित किया गया है, 81 आवेदन अस्वीकृत किए गए हैं तथा 642 आवेदन जांच प्रक्रिया में हैं। इसके अतिरिक्त जिले में कुल 4997 आवेदन तथा शिव विधानसभा क्षेत्र में 1421 आवेदन वर्ष 2025 के पोर्टल पर विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं।
इससे पहले विधायक रविंद्र सिंह भाटी के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्य सुरक्षा योजना में नवम्बर, 2024 से 23 जनवरी, 2026 तक बाड़मेर जिले में ‘’राजस्थान खाद्य सुरक्षा नियम 2023 अनुसूची-1’’ में उल्लेखित निष्कासन श्रेणी के मानदण्डों में आने वाले 57,205 परिवार पृथक हुए है। ‘’राजस्थान खाद्य सुरक्षा नियम 2023 अनुसूची-1’’की प्रति उन्होंने सदन के पटल पर रखी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित पात्र लाभार्थियों के सत्यापन के क्रम में चयनित परिवारों/ लाभार्थियों के राशनकार्डों की आधार सीडिंग एवं ई-केवाईसी करवायी जा रही है। नवम्बर, 2024 से 28 फरवरी, 2026 तक ‘’गिव-अप-अभियान’’चलाया जा रहा है, जिसके तहत खाद्य सुरक्षा योजना में सम्मिलित सक्षम व्यक्ति को स्वेच्छा से नाम हटाने के लिये प्रेरित किया जा रहा है तथा खाद्य सुरक्षा सूची में अपना नाम सम्मिलित होने की तारीख से तीन महीने के भीतर अपना ई-केवाईसी पूरा नही किये जाने की स्थिति में प्रावधान के तहत नाम हटाये जा रहे है।
उन्होंने जानकारी दी कि बाड़मेर जिले में खाद्य सुरक्षा योजना में पृथक हुये परिवारों में से समावेशन श्रेणी की पात्रता होने के संबंध में विधानसभा क्षेत्र बाड़मेर में 402, चौहटन में 561, शिव में 298, गुडामालानी में 235 एवं बायतु (केवल बाटाडु) में 29 सहित कुल 1525 आवेदन/परिवेदनाएं प्राप्त हुई है।
गोदारा ने बताया कि बाड़मेर जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से हटाये गये परिवारों का अलग से सर्वे किये जाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। वर्तमान में सम्पूर्ण प्रदेश हेतु खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत नवीन / वंचित पात्र एवं जरूरतमन्द परिवार / व्यक्तियों का नाम खाद्य सुरक्षा योजना में जोडने हेतु विभागीय आदेश 23 जनवरी, 2025 के द्वारा पोर्टल को 26 जनवरी, 2025 से खोला जा चुका है।
राशन डीलरों के कमीशन में 10 प्रतिशत वृद्धि की, नवंबर माह तक का भुगतान किया – खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेशवासियों की खाद्य सुरक्षा के साथ राशन डीलरों की आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा रही है। राशन डीलर को मिलने वाले कमीशन में 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ उन्हें समय पर भुगतान भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उचित मूल्य दुकानदारों के गत नवंबर तक के कमीशन के भुगतान की कार्यवाही की जा चुकी है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक ललित मीना द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि बारां जिले में 33 उचित मूल्य दुकानों के आवंटन आदेश जारी किये जा चुके है। जिले में 8 दुकाने नवसृजित भी की गयी हैं।
इससे पहले सदस्य के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बताया कि बारां जिले में वर्तमान में कुल 575 उचित मूल्य की दुकानें हैं। अधिकारियों व प्रवर्तन कार्मिकों द्वारा वर्ष 2020 से 2025 तक बारां में उचित मूल्य् दुकानों के निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 434 उचित मूल्ये दुकानों को नोटिस जारी कर प्रकरण दर्ज किये गये।
उन्होंने बताया कि इस दौरान कुल 82 उचित मूल्य की दुकानों के लाइसेंस निलंबित किये गये एवं 82 सम्बन्ध (अटैचमेंट) के आदेश जारी किये गये। गोदारा ने कहा कि निलंबित किये गए उचित मूल्य दुकानों के लाइसेंस, दुकानदार द्वारा संतुष्टि पूर्व जवाब देने पर बहाल किये जाते है। उन्होंने बारां जिले में संचालित उचित मूल्य की दुकानों और पदस्थापित अधिकारियों का विवरण सदन के पटल पर रखा।
