











बीकानेर,देश की सेवा, रक्षा, देशभक्ति करते हुए, यदि कोई सैनिक शहीद हो जाता है, तो वह मरता नहीं देश के लिए अमर हो जाता है, मेजर जेम्स थॉमस को उनकी असाधारण वीरता, अदम्य साहस, कर्तव्य परायणता के प्रति समर्पण और सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत भारत सरकार ने सर्वोच्च सैनिक सम्मान “कीर्ति चक्र” से सम्मानित किया ।
यह उद्बोधन आज स्थानीय वार मेमोरियल पर आयोजित शहीद मेजर जेम्स थॉमस की 20 वें शहादत दिवस के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में गौरव सेनानी एसोसिएशन के अध्यक्ष कर्नल हेमसिंह शेखावत “सेना मैडल “ने व्यक्त किये । क्षत्रिय सभा एवं ट्रस्ट बीकानेर संभाग के प्रवक्ता प्रदीप सिंह चौहान ने अपने उद्बोधन में मेजर थॉमस की वीरता एवं अदम्य साहस के बारे में बताते हुए बताया कि पुंछ में नियंत्रण रेखा के पास उन्होंने अकेले 6 आतंकवादियों को मार कर शौर्य एवं साहस का परिचय दिया । युद्ध में साहस एवं स्वयं की सुरक्षा की परवाह न करते हुए वह आगे बढे इस भीषण मुठभेड़ में उनको बम के छर्रे लगे और ज्यादा खून रिसाव होने के कारण मेजर जेम्स थॉमस मातृभूमि की आन, बान, और शान के लिए वही शहीद हो गए । इस अवसर पर सूबेदार सज्जन सिंह, सूबेदार किशन सिंह शेखावत, सार्जेंट ओंकार सिंह मोरखाना, सुनील दत्त नागल, सार्जेंट टोडा राम गोलिया ने भी थॉमस की वीरता, अदम्य साहस, और शौर्य पर प्रकाश डालते हुए अपना उद्बोधन दिया ।
श्रद्धांजलि सभा में सार्जेंट शक्ति सिंह राठौड़, हरिराम जाखड़, सूबेदार भोजराज सिंह, नंदलाल ढाका, राजेंद्र सिंह भाटी, मांगीलाल दईया, गोविंद सिंह भाटी एवं शाहिद अख्तर एवं उपस्थित नागरिकों ने शहीद मेजर जेम्स थॉमस को श्रद्धा सुमन अर्पित किए ।
