











बीकानेर,अपना परिवार सेवा सदन वृद्ध आश्रम दन्तौर में गणतन्त्र दिवस के उपलक्ष के अवसर पर ध्वज वंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के विशेष आमंत्रित सदस्य रामेश्वर लाल बिश्नोई तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता क्रय-विक्रय सहकारी समिति लि. दन्तौर के व्यवस्थापक ठा. नाहर सिंह शेखावत रहे तथा विशिष्ट अतिथ के तौर पर वरिष्ठ पत्रकार रामेश्वर लाल गोदारा एवं रामदेवरा पैदल संघ के अध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा, भरत मेडिकल स्टोर एवं भारत रत्न डाॅ. भीमराव अम्बेड़कर समिति दन्तौर के अध्यक्ष नारायणराम मेघवाल व समाजसेवी जयपाल स्वामी व पर्यावरणविद् बनवारी लाल रतिवाल थे। बड़ी संख्या में ग्रामीण व महिलाएं उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि रामेश्वर लाल बिश्नोई ने अपने संबोधन में संबोधित करते हुए ध्वज वन्दन व भारतीय झण्डा संहिता के बारे में विस्तार से बताया।
बिश्नोई ने बताया कि नियमानुसार भारत का राष्ट्रीय झण्डा, भारत के लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतिरूप है। यह हमारे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। पिछले सात दशकों में अनेक लोगों और सशस्त्र सैनिकों ने इस तिरंगे को पूर्ण गौरव के साथ फहराते रहने के लिये सहजता पूर्वक अपने जीवन का बलिदान दिया है।
राष्ट्रीय झण्डे के रंगों और उसके मध्य मे चक्र के महत्व का यथेस्ट वर्णन डा. राधाकृष्णन द्वारा संविधान सभा मेंकिया गया था। इस संविधान सभा ने सर्वसम्मति से राष्ट्रीय झण्डे को स्वीकार किया था। डा. एस. राधाकृष्णन ने स्पष्ट किया कि भगवा या केसरिया रंग त्याग या निःस्वार्थ भावना का प्रतीक है’’। हमारे नेतागणों को भौतिक सुखों से विरक्त था अपने कार्य के प्रति समर्पित होना चाहिए। झण्डे के मध्य में सफेद रंग हमे सच्चाई के पथ पर चलने और अच्छे आचरण की प्रेरणा देता है। हरा रंग मिट्टी और वनस्पतियों के साथ हमारे संबंधों को उजागर करता है जिन पर सभी प्राणियों का जीवन आश्रित है। सफेद रंग के मध्य में अशोक चक्र धर्म के राज का प्रतीक है। इस झण्डे तले शासन करने वाले लोगों को सत्य, धर्म या नैतिकता के सिद्धान्तों का पालन करना चाहिए। पुनश्च, चक्र प्रगति का प्रतीक है, जड़ता प्राणहीनता का प्रतीक है। चलना ही जिंदगी है। भारत को परिवर्तन की अनदेखी नहीं करनी है, अपितु आगे की आगे बढ़ना है। चक्र शान्तिपूर्ण परिवर्तन की गतिशीलता का प्रतीक है।
अन्त में संबोधन करते हुए कहा कि अपने जीवन को सार्वजनिक सम्पत्ति बताते हुए कहा कि मेरा जीवन प्रत्येक व्यक्ति के लिए समर्पण भाव से कार्य करना वाला है। मुझे मेरी कर्मभूमि दन्तौर से इतना प्यार है कि सुबह मैं 8 बजे से बीकानेर में मुख्यमंत्री पुर्नवाह गृह बीकानेर में ध्वजारोपण के पश्चात् बीकाजी चिल्ड्रन एकेडमी स्कूल के कार्यक्रम में शामिल होकर दन्तौर के भागीरथी बालिका विद्यालय में शामिल होने के पश्चात् ध्वज वंदन के कार्यक्रम में शामिल हुआ हूं। ये मेरे कर्मभूमि के प्रति मेरा कत्र्तव्य है। इसके साथ ही बिश्नोई ने ध्वज रोहण के कार्यक्रम में शपथ ली कि जब तक मेरे जीवन में मेरा शरीर चलने फिरने में सक्षम रहेंगा तब तक निःस्वार्थ भाव से जनमानस की सेवा में निरन्तर रहेंगा।
सभा को संबोधित करते हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ठा. नाहर सिंह शेखावत ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज के प्रति प्रेम, आदर एवं निष्ठा बनाना हमारा परम कर्तव्य है तथा प्रत्येक भारतवासी को अपने कर्तव्य पर खरा उतरने के लिए संकल्प लेना चाहिए। इस अवसर में पत्रकार रामेश्वर लाल गोदारा, जयपाल स्वामी, मदन लाल सांसी, कृष्ण कुमार शर्मा ने भी सभा को संबोधित किया। उपस्थित सभी जनमानस ने राष्ट्रीय ध्वज वंदन के कार्यक्रम पर कभी नशा न करने एवं नशा ना परोसने का संकल्प लिया।
इसी के साथ वन्दे मातरम की जय घोष के साथ, सभी को अल्पाहार करवाकर कार्यक्रम का समापन किया गया। इस मौके पर अपना परिवार सेवा सदन के निदेशक झूमर राम चैधरी, कुलदीप गायना, मुकेश कुमार जांगिड़, डाॅ. जियाउर रहमान, नत्थूराम राठौड़, नन्द किशोर सहित अपना परिवार सेवा सदन के लाभार्थी उपस्थित रहे।
