











बीकानेर स्व.छगनलाल खड़गावत की स्मृति में महाराजा नरेंद्र सिंह ऑडिटोरियम में “रेडियो की सुनहरी यादें” कार्यक्रम में रेडियो के वरिष्ठ श्रोताओं का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने रेडियो की मधुर स्मृतियां साझा की ।
आयोजन सचिव राजकुमार खड़गावत ने बताया कि आकाशवाणी के 90 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित रेडियो श्रोता सम्मेलन मे मुख्य वक्ता आकाशवाणी बीकानेर में उद्घोषक, कम्पेयर, नाट्य कलाकार रहे वरिष्ठ लेखक अशफ़ाक़ कादरी ने कहा कि आकाशवाणी ने राष्ट्रीय एकता, देशप्रेम सामाजिक- सांस्कृतिक, शैक्षिक संदेश प्रसारित किया है। मुख्य अतिथि कवि कथाकार राजेंद्र जोशी ने कहा कि रेडियो आज भी प्रासंगिक है। कार्यक्रम अध्यक्ष वरिष्ठ संपादक-व्यंग्यकार डॉ. अजय जोशी ने कहा कि रेडियो सूचना,संचार और मनोरंजन का प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम समन्वयक राजाराम स्वर्णकार ने कहा कि रेडियो आज भी सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों, मजदूरों और कामगारों के ज्ञान और मनोरंजन का एक प्रभावी साधन है। विशिष्ट अतिथि रेडियो उद्घोषक शायर- पत्रकार डॉ. नासिर जैदी ने कहा कि आकाशवाणी से भाषा की सही उच्चारण,शुद्धता सीखने का मौका मिला। डॉ. सीताराम गोठवाल ने अपने विद्यार्थी जीवन में रेडियो के संस्मरण सुनाए।
रेडियो प्रेमी मुकेश पोपली ने आकाशवाणी की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने आकाशवाणी नामकरण किया । कार्यक्रम में सद्भावना संगीत कला केन्द्र के अध्यक्ष इकरामुद्दीन कोहरी, संगीता झा, रामसहाय हर्ष,,महेश उपाध्याय, अब्दुल शकूर सिसोदिया, संदीप गगड़, श्यामसुन्दर बिहाणी, जितेंद्र गहलोत , रवि गहलोत, डॉ. कन्हैयालाल कच्छावा, बजरंगलाल सारस्वत, जितेन्द्रसिंह राठौड़, डॉ. नमामीशंकर आचार्य, भावना खड़गावत, आसुराम कच्छावा, कैलाश गहलोत, अशोक कुमार कच्छावा, महेश गहलोत, मिलन गहलोत, पवन गहलोत, युवराज बंशीवाला, भीखाराम भाटी, सुनील भाटी, कुशालचंद लखोटिया ने रेडियो की स्मृतियों को साझा किया । कार्यक्रम में राजू लखोटिया ने बांसुरी वादन किया। ज्योति वधवा रंजना ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत करते हुए रेडियो सम्बन्धी जानकारी साझा की
युवा उद्घोषिका खुश्बू भाटी ने रेडियो और छगनलालजी के सम्बन्धो पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम का गरिमामय संचालन किया।
