












बीकानेर,लोकराग फाउंडेशन, रोटरी रॉयल्स, डॉक्टर मोहम्मद आरिफ एवं गोमादेवी चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में रोटरी क्लब सभागार में वरिष्ठ नागरिक सम्मान समारोह एवं जोड़ रोग जागरूकता शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में 160 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों की निःशुल्क बीएमडी जांच की गई, जिसमें अधिकांश रिपोर्ट्स 2.5 से ऊपर आईं। तीन स्तरों पर की गई इस जांच के माध्यम से हड्डी स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाई गई और आवश्यक सलाह दी गई।
इस अवसर पर 100 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को शाॉल, व सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के अधीक्षक डॉक्टर संजीव बुरी, रोटरी रॉयल्स एवं गोमादेवी चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील चमड़िया, ज्योतिष आचार्य अनिल पुरोहित, शिक्षक जॉनी साधवानी, डॉक्टर मनोज कुड़ी तथा जगदीप ओबेरॉय ने बुजुर्गों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम का संचालन लोकराग फाउंडेशन के निदेशक आनंद आचार्य ने किया, जबकि निदेशक योगेश खत्री ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर रोटेरियन सुनील चमड़िया, मनोज कूड़ी, शरद कालरा, देवेंद्र तंवर, जदीप ओबेरॉय, डॉ. पुन्नेत खत्री, हरजीत सिंह, नितेश रंगा, सुरेंद्र सोनू, ऋषि धामू, ऋषव जैन, राजेश खत्री, पंकज सुथार सहित बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।
*नई तकनीक, उन्नत इम्प्लांट्स के चलते घुटना प्रत्यारोपण अब अधिक सुरक्षित : डॉ. मोहम्मद आरिफ*
अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मोहम्मद आरिफ ने जोड़ रोग जागरूकता सत्र में मुख्य व्याख्यान दिया। उन्होंने घुटनों के ऑपरेशन को लेकर लोगों में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करते हुए कहा कि आधुनिक न्यूनतम इनवेसिव तकनीकों, आर्ट्रोस्कोपी और उन्नत इम्प्लांट्स के कारण घुटना प्रत्यारोपण अब सुरक्षित, कम दर्द वाला और तेज रिकवरी वाला हो गया है। अधिकांश मरीज ऑपरेशन के बाद सामान्य जीवन जीते हैं। उन्होंने जोर दिया कि समय पर जांच, दवा, फिजियोथेरेपी और जीवनशैली में बदलाव से कई मामलों में सर्जरी की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। स्वस्थ जोड़ ही स्वतंत्र एवं सक्रिय जीवन का आधार हैं, इसलिए देरी न करें।
लोकराग फाउंडेशन के निदेशक विनय थानवी ने वृद्ध जन सम्मान के अवसर पर कहा:
“अवसर है सम्मान का, सम्मान है ज्ञान का।
ज्ञान जो मिला बुजुर्गों से, हमारे लिए वरदान सा।”
कार्यक्रम में न केवल वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया, बल्कि हड्डी एवं जोड़ स्वास्थ्य के प्रति भी व्यापक जागरूकता फैलाई।
