












बीकानेर,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष में इन दिनों शहर की विभिन्न बस्तियों में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार देर रात शहर के व्यास पार्क के निकट स्थित जनेश्वर भवन में नृसिंह बस्ती का विशाल हिंदू सम्मेलन आयोजित हुआ। कार्यक्रम संत विलास नाथ जी महाराज के परम सानिध्य में आयोजित हुआ।
हिंदू सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीकानेर विभाग के संघ चालक टेकचंद बरेडिया ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू समाज को वर्षों से छिन्न भिन्न करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने मुगलों से लेकर अंग्रेजों तक के भारत में शासन के विस्तृत व्याख्या करते हुए बताया कि हिंदू संस्कृति पर लगातार चोट की गई मगर हमारे पूर्वजों की एकजुट के कारण आज भी हिंदू समाज मजबूती के साथ वे धर्म समुदाय से मुकाबला कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक घरों में हम अपने बच्चों को संस्कार नहीं देंगे तब तक हिंदू समाज एकजुट नहीं होगा। बरडिया ने कहा कि हिंदू केवल धर्म या जाति से नहीं पहचाना जाता बल्कि यह अपने आपमे एक जीवन पद्धति है। उन्होंने हिंदू सम्मेलनों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से हमारे अंदर कुटुंब प्रबोधन की भावना विकसित होती है। हम एक साथ बैठते हैं और विचार करते हैं इससे ही समाज में एकजुटता आएगी। विभाग संघ चालक टेकचंद बरडिया ने इस दौरान पंच परिवर्तनों की और भी ध्यान दिलाया तथा पर्यावरण, सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर भी अपनी बात रखी।
धर्म संस्कृति से ही बचेगा हिंदू समाज : संत विलासनाथ
इस अवसर पर चैननाथ धूणा के महंत विलास नाथ महाराज ने कहा कि धर्म और संस्कृति का लगातार पोषण करने से ही हिंदू समाज बचेगा। क्योंकि कुछ विदेशी ताकते आज भी हिंदू संस्कृति पर चोट करके उसे नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने उदाहरण देकर कहा कि दूसरे धर्म के लोग अपने छोटे-छोटे बच्चों को अपने उपासना स्थल पर लेकर जाते हैं लेकिन हमारा यह दुर्भाग्य है कि हिंदू समाज के लोग अपने बच्चों को लेकर नियमित रूप से मंदिर नहीं जाते। हिंदू समाज का कोई विरोधी नहीं है बल्कि हम खुद विरोधी है क्योंकि हम लोग खुद अपने धर्म संस्कृति की ना तो पालना करते हैं न हीं उसकी रक्षा करते हैं। इसलिए आज आवश्यकता इस बात की है कि हमें अपनी धर्म संस्कृति पर गर्व करना चाहिए क्योंकि यह संस्कृति हमारे पूर्वजों की देन है। उन्होंने कहा कि मुगलों के शासन के बावजूद हमारी संस्कृति यदि जिंदा रही है तो उसका कारण यही था कि हमारे पूर्वज उसका पालन करते थे इसलिए हमें भी इसका अक्षरश पालन करना चाहिए।
इन्होंने भी रखे विचार
सम्मेलन को विशिष्ठ अतिथि के रूप में पधारे जोधपुर विद्युत निगम के सहायक लेखा अधिकारी पद से सेवानिवृत बलभद्र व्यास, शास्त्रीय संगीत कला केंद्र के निदेशक पंडित नारायण रंगा, स्वागताध्यक्ष के रूप में मंचस्थ वरिष्ठ अधिवक्ता हरिनारायण सारस्वत, राष्ट्रीय सेविका समिति की चंद्रकला आचार्य ने भी विचार रखे तथा मातृशक्ति को नियमित रूप से मंदिरों में जाने व घर परिवार में छोटे बच्चो को संस्कारवान बनाने की अपील की। अध्यक्ष उद्बोधन जलदाय विभाग से सेवानिवृत अधीक्षण अभियंता बी.जी. व्यास ने दिया। उन्होंने भी ऐसे आयोजनों को भारतीय सनातन संस्कृति के लिए बहुत उपयोगी बताया। इससे पहले हिंदू सम्मेलन के संयोजक एडवोकेट राजेश कुमार व्यास ने आयोजन पर प्रकाश डाला तथा बताया कि विस्तारवादी नीतियों के कारण कुछ देश आज भी भारत के दुश्मन बने हुए हैं इसलिए हमें एकजुट होकर अपनी संस्कृति की रक्षा करनी होगी। वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद आचार्य ने अतिथियों का परिचय कराते हुए उनका स्वागत भाषण दिया। संचालन रिद्धिका व्यास ने किया। अंत मे बस्ती प्रमुख जयप्रकाश व्यास ने सभी आगन्तुको का आभार जताया।
श्री शास्त्रीय संगीत कला केंद्र के बच्चों की प्रस्तुति रही शानदार
इस अवसर पर हवेली संगीत घराने के नामचीन शास्त्रीय संगीतज्ञ पंडित नारायण रंगा के निर्देशन में श्री शास्त्रीय संगीत कला केंद्र के बच्चों के भावपूर्ण प्रस्तुति रही। इन बच्चों ने शास्त्रीय संगीत के सुरों से सज्जित दो भजन पेश किये। इस दौरान जनेश्वर भवन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। नारायण रंगा ने भी भारत के नामकरण पर देशभक्ति गीत पेश किया तथा बाद में राग बसंत का छोटा ख्याल भी गाकर बसंतोत्सव का माहौल बना दिया।
इन प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
हिंदू सम्मेलन में नरसिंह बस्ती के विभिन्न मोहल्ले में रहने वाली विविध क्षेत्रों की प्रतिभाओं को अतिथियों के हाथों सम्मानित भी किया गया। समाजसेवा के लिए गोपाल दास व्यास उर्फ काला महाराज, तीरदांजी कोच गणेश लाल व्यास, धर्म कर्म व समाज सेवा के लिए राजेन्द्र पुरोहित, शमशान घाटो की सफाई के लिए अनूठी सेवा हेतु कुंजबिहारी आचार्य, पर्यावरण संरक्षण के लिए एडवोकेट
सुरेश मोहता, आयुर्वेद सेवा के लिए वैद्य बलदेव ओसापा, पुजारी आशीष शर्मा, रुद्री पाठ की सेवा देने वाले गोविंद व्यास व संचालन के लिए रिद्धिका व्यास को मंचस्थ अतिथियों ने माला साफा पहनाकर व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
ये भी रहे मौजूद
हिंदू सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महानगर संघ चालक कन्हैयालाल पांडे, सह संघचालक दुर्गाशंकर हर्ष, लक्ष्मीनाथ नगर के संघ चालक ब्रह्मदत्त आचार्य, रमेश हर्ष, मांगीलाल व्यास, एडवोकेट बसंत आचार्य, एडवोकेट विकास छंगाणी, जानकी वल्लभ पुरोहित,
विवेक व्यास, गोपाल व्यास, शिव कुमार पुरोहित, गौरव बिन्नाणी, मधुसूदन, नौरंग व्यास, श्यामसुंदर जोशी, जुगल पुरोहित सहित अनेक लोग मौजूद थे।
