












बीकानेर। गोचर भूमि को लेकर चल रहे विवाद पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी लाल बिश्नोई और जिले के विधायकों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बड़ा ऐलान किया है। इस विषय को लेकर स्थानीय सर्किट हाउस में हुई प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी विश्नोई ने बताया कि बीकानेर की गोचर भूमि अब बीकानेर विकास प्राधिकरण (बीडीए) और जिला कलेक्टर के अधिकार क्षेत्र में नहीं रहेगी। इस भूमि को स्पेशल पैराफेरी जोन में रखा जाएगा, जिस पर किसी भी प्रकार का निर्णय राज्य सरकार की अनुमति के बिना नहीं लिया जा सकेगा।प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहारी लाल बिश्नोई ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गोचर भूमि को बीडीए के मास्टर प्लान से बाहर रखा जाएगा। साथ ही जिला कलेक्टर भी इस भूमि को लेकर कोई स्वतंत्र निर्णय नहीं ले सकेंगे। गोचर भूमि का मालिकाना अधिकार राज्य सरकार के पास ही रहेगा।उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान की आपत्तियों से जुड़ा एक पत्र सामने आया है, जिसमें अधिकांश आपत्तियां सरेहनथानियां गोचर क्षेत्र से संबंधित हैं। यह गोचर लगभग 5,418 हेक्टेयर भूमि में फैला हुआ है। आमजन की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस भूमि को विशेष संरक्षित क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया जाएगा और भविष्य में यहां किसी भी प्रकार के विकास कार्यों पर रोक रहेगी।इस निर्णय के बाद गोचर भूमि को लेकर प्रस्तावित साधु-संतों का आंदोलन भी स्थगित कर दिया गया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संत सरजूदास ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा आदेश जारी होने के बाद 27 जनवरी को प्रस्तावित धरना स्थगित कर दिया गया है।वहीं प्रेस वार्ता में बस स्टैंड को लेकर उठे सवाल पर बिहारी लाल बिश्नोई ने कहा कि पहले से लिए गए निर्णय यथावत रहेंगे। बस स्टैंड के निर्माण को लेकर फिलहाल कोई नया निर्णय नहीं किया गया है।इस दौरान बीकानेर पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास श्री डूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत कोलायत विधायक अंशुमान सिंह शहर भाजपाध्यक्ष सुमन छाजेड़ भाजपा देहात अध्यक्ष श्याम पंचारिया, महंत सरजूदास जी, सूरज प्रकाश राव, महेंद्र किराडू सूरजमाल सिंह नीमराना धर्मेन्द्र सारस्वत सहित सैकड़ों की संख्या में गौ प्रेमी उपस्थित रहे।
