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बीकानेर,पवनपुरी साउथ स्थित आरएलजी संस्थान द्वारा संचालित चैरिटेबल विद्यालय में शास्त्री पं. गायत्री प्रसाद शर्मा प्राचार्य, शास्त्री पंडित यज्ञ प्रसाद शर्मा, ऋग्वेदीय राका वेद पाठशाला द्वारा बसंत पंचमी का पर्व बच्चों के साथ श्रद्धा, भक्तिभाव और उल्लास के साथ मनाया गया | इस अवसर पर विद्यालय में मां सरस्वती की विधि विधान से पूजा अर्चना की गई कार्यक्रम में सरस्वती वंदना आरती दीप प्रज्वलन किया गया जिसमें सभी शिक्षक शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों ने भाग लिया|
विद्यालय प्रधानाध्यापिका डॉ.अर्पिता गुप्ता ने बच्चों को बताया की हिंदू मान्यताओं के अनुसार, विद्या, संगीत और कला की देवी सरस्वती का जन्म इसी दिन हुआ था। इसलिए, उनसे ज्ञान और कला की प्राप्ति के लिए लोग बसंत पंचमी को सरस्वती पूजा के रूप में मनाते हैं।
 शास्त्री पं. गायत्री प्रसाद शर्मा ने बताया की ऐसा माना जाता है कि जब सृष्टि में नीरसता, सन्नाटा और जड़ता थी, तब माता सरस्वती के प्रकट होने से ज्ञान, वाणी और चेतना का संचार हुआ था। इसलिए यह दिन किसी भी नए काम की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ होता है, विशेष रूप से ज्ञान और शिक्षा की शुरुआत के लिए।
शास्त्री पंडित यज्ञ प्रसाद शर्मा ने कहा कि बसंत पंचमी पर विद्यारंभ संस्कार करने से बच्चे की शिक्षा में कभी रुकावट नहीं आती और जीवन में सफलता मिलती है।
बच्चों ने भजनों पर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतिया दी |सभी बच्चों को आशीर्वाद स्वरुप प्रसाद व उपहार वितरित किए गए|
कार्यक्रम को सफल बनाने में स्नेहा शर्मा, शगुन सोलंकी,रीना गौरव सक्सेना आदि की की महत्वपूर्ण भूमिका रही|

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