












बीकानेर,हनुमानगढ़, खुशाल दास विश्वविद्यालय में आयोजित नॉर्थ वेस्ट जोन इंटर यूनिवर्सिटी फुटबॉल (मेन्स) चैंपियनशिप 2025-26 का भव्य समापन विश्वविद्यालय परिसर स्थित ऑडिटोरियम में उत्साहपूर्ण माहौल में भव्य आयोजन संपन्न हुआ। छ: दिनों तक चले इस टूर्नामेंट में दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के 44 विश्वविद्यालयों की टीमों के एक हजार से अधिक दिग्गज खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षक-कोच ने भाग लिया। 17 जनवरी से लेकर 22 जनवरी तक चले इस फुटबॉल महाकुम्भ में रोजाना सुबह से लेकर शाम तक विश्वविद्यालय परिसर के अलग-अलग खेल मैदानों में रोमांचक और कड़े मुकाबले देखने को मिले। चैंपियनशिप का रोमांच और फुटबॉल प्रेमियों में उत्साह लगातार देखने को मिला। आज बृहस्पतिवार शाम को फुटबॉल महाकुम्भ समापन समारोह के मुख्य अतिथि जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव रहे। मुख्य अतिथि जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल भी युवा जीवन का मह्त्वपूर्ण हिस्सा है। टूर्नामेंट का असली उद्देश्य केवल जीत-हार नहीं, बल्कि आत्म- विकास, खेल-भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है। खेल में हार-जीत स्वाभाविक है, लेकिन खेल से शारीरिक और मानसिक विकास होता है। प्रत्येक मुकाबला खिलाड़ियों को आत्ममंथन का अवसर देता है कि किस जगह सुधार की आवश्यकता है, ताकि अगली बार वे सुधार करके और मजबूत बनकर उभरे। खेलों से अनुशासन, समर्थन से हनुमानगढ़ में खेलों के लिए बेहतर माहौल तैयार हो रहा है। जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। सर्व सिक्ख समाज अध्यक्ष बलकरण सिंह ने कहा कि ऐसी चैंपियनशिप प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और भविष्य दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं। गुरुद्वारा सिंह सभा के मुख्य सेवादार इंद्र सिंह ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि आप इस टूर्नामेंट के ही नहीं अपितु अपने जीवन के विजेता है। हनुमानगढ़ में ऐसे बड़े कार्यक्रमों से जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चमक रहा है।
इसके अलावा समापन समारोह कार्यक्रम में अन्य उपस्थित अतिथियों ने भी खिलाड़ियों का उत्साह वर्धन करते हुए संबोधन दिया। खेल निदेशक डॉ. रविन्द्र सिंह सुमल ने आए हुए सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, कोच, विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया I
कोटा प्रथम, दिल्ली द्वितीय और उदयपुर यूनिवर्सिटी की टीम तृतीय स्थान पर रही
नॉर्थ वेस्ट जोन इंटर यूनिवर्सिटी फुटबॉल (मेन्स) चैंपियनशिप के अंतिम छ: लीग मुकाबलों में प्रथम यूनिवर्सिटी ऑफ कोटा, द्वितीय यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ल्ली और तृतीय स्थान पर जेआरएनआरवी यूनिवर्सिटी, उदयपुर ने प्राप्त किया।क्वालीफाई करने वाली सभी चारों टीमों के सभी खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। क्वालीफाई करने वाली चारों टीमों के बीच रैंकिंग को लेकर कड़े रोमांचक मुकाबले ठिठुरन भरी ठंड में हुए। अंतिम सभी मैचों में सभी टीमों के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल कौशल, अनुशासन और खेल-भावना का परिचय दिया।यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ल्ली, साउथ मोती बाग नई दिल्ली और जेआरएनआरवी यूनिवर्सिटी, उदयपुर के बीच खेला गया, मैच बेनतीजा रहा। यह मैच 1-1 से डॉ रहा। दूसरा मैच यूनिवर्सिटी ऑफ कोटा और सीडीएलयू सिरसा के बीच खेला गया। जिसमें 4-2 के कड़े मुकाबले में यूनिवर्सिटी ऑफ कोटा विजेता रही।इस मैच में एकबारगी दोनों टीमें 2-2 के स्कोर पर एक बार बराबर हो गई थी। बाद में कोटा यूनिवर्सिटी ने दबाव बनाते हुए पांच मिनट के अन्दर दनादन दो गोल दाग दिए।तीसरा मैच जेआरएनआरवी यूनिवर्सिटी, उदयपुर और सीडीएलयू, सिरसा के बीच खेला गया। जिसमे सिरसा यूनिवर्सिटी ने 2-0 से जीत दर्ज की। चौथा मुकाबला यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली और यूनिवर्सिटी ऑफ कोटा में हुआ। जिसमें 2-0 से यूनिवर्सिटी ऑफ कोटा विजेता रही। पांचवां मुकाबला यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली और सीडीएलयू, सिरसा के बीच हुआ। जिसमें यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली 3-1 से विजेता रही। छठे और अंतिम लीग मुकाबले में जेआरएनआरवी
यूनिवर्सिटी, उदयपुर ने यूनिवर्सिटी ऑफ कोटा को 0-1 के रोमांचक मुकाबले में हरा दिया। बता दें कि इस चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली ये चारों टीमें आगामी दिनों में कोलकाता में आयोजित होने वाली ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी फुटबॉल (मेन्स) चैंपियनशिप में भाग लेंगी। अंतिम लीग मैचों के दौरान प्रत्येक मैदान पर हर पल रोमांच बना रहा और खेल प्रशंसक तालियों की गडगडाहट के साथ खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते नजर आए।
खिलाड़ियों की सुविधाएं रही सर्वोच्च प्राथमिकता पर
फुटबॉल चैंपियनशिप टूर्नामेंट के दौरान श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा खिलाड़ियों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा गया। इसके लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के 44 विश्वविद्यालयों से आए एक हजार से अधिक खिलाड़ियों की पंजीयन से लेकर आवागमन, परिवहन, आवास, भोजन एंव स्वास्थ्य सेवाओं की समुचित व्यवस्थाएं की गई। छ: दिवसीय टूर्नामेंट में सुबह से लेकर देर शाम तक चले मैचों में प्रतियोगिता स्थल तक खिलाड़ियों की सुगम, सुरक्षित और समयबद्ध पहुंच को सुनिश्चित किया गया। जिससे खिलाड़ियों ने पूरी तरह निश्चिन्त और उत्साहपूर्ण वातावरण में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। गठित टीमों द्वारा सूचना का आदान-प्रदान स्पष्ट, त्वरित और समन्वित तरीके से किया गया और विभिन्न विश्वविद्यालयों की टीमों के साथ आए खेल अधिकारीयों के साथ निरंतर एंव प्रभावी समन्वय बनाया गया जिससे जमीनी स्तर पर सभी व्यवस्थाएं समय पर सुचारू एंव व्यवस्थित रूप से संचालित हो सकी। फुटबॉल चैंपियनशिप टूर्नामेंट के सफल सञ्चालन के लिए समापन समारोह में गठित टीमों के सभी अधिकारीयों, कर्मचारियों एंव विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
इनकी रही उपस्थिति
फुटबॉल टूर्नामेंट समापन समरोह में कलगीधर गुरुद्वारा प्रधान जसवीर सिंह, गुरुद्वारा शहीद बाबा दीप सिंह संरक्षक सरदार जरनैल सिंह मुत्ति, गुरुद्वारा सिंह सभा प्रधान सरदार नक्षत्र सिंह, गुरुद्वारा शहीद बाबा दीप सिंह अध्यक्ष रणजीत सिंह बराड़, गुरुद्वारा तेग बहादुर साहिब जी अध्यक्ष अजीत सिंह लेघा, गुरुद्वारा भगत नामदेव अध्यक्ष मान सिंह, जगजीत सिंह सुमल, राजेंद्र गुम्बर, प्रमोद गाट, अशोक गाबा, महंगा सिंह ढिल्लो, सरस डेयरी मार्केटिंग हेड लीलाधर वर्मा, पैरालंपिक एथलीट संदीप मान, खेल निदेशक रविन्द्र सिंह सुमल, वाईस चांसलर प्रो. डॉ. रामावतार मीणा, रजिस्ट्रार प्रो. डॉ. श्यामवीर सिंह, सुरेन्द्र सिंह छिन्दा, विक्रम सिंह औलख, डॉ. बाबूलाल पारीक आदि उपस्थित रहे I
