












बीकानेर, विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 के प्रचार-प्रसार के लिए 26 जनवरी से 8 मार्च तक जन संवाद और आईईसी की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहन लाल ने इसके लिए आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि विकसित भारत जी राम जी अधिनियम, ग्रामीण रोजगार गारंटी, पारदर्शी मजदूरी भुगतान और विकेन्द्रीकृत पंचायत प्लानिंग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस अधिनियम के कानूनी प्रावधानों और फायदों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा सघन जन संवाद आधारित सूचना, शिक्षा और संचार कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इसके लिए छह सप्ताह का कलैण्डर निर्धारित करते हुए संबंधित अधिकारियों को पूर्ण गंभीरता से कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया है।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि पहले सप्ताह 26 जनवरी से 1 फरवारी तक ‘भ्रम बनाम तथ्य’ तथा ‘रोजगार से परिसंपति’ तक विषय पर मीडिया संवाद आयोजित किया जाएगा। इसके तहत वीबी-जी राम जी अधिनियम की वैधानिक विशेषताओं पर सार्वजनिक स्पष्टता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि दूसरे सप्ताह के तहत 2 से 8 फरवरी तक ‘अधिकार संरक्षण संकल्प दिवस’ मनाए जाएंगे। इस दौरान ग्राम स्तर पर सामूहिक शपथ पाठ तथा बैनर पोस्टर के माध्यम से अधिनियम के प्रावधानों को प्रचारित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि ‘विकसित भारत ग्राम संवाद’ के तहत तीसरे सप्ताह 9 से 15 फरवरी तक चौपाल, ग्राम सभाओं और ग्राम स्तरीय बैठको का आयोजन तथा दीवार लेखन एवं फ्लेक्स बैनर के माध्यम से ग्राम स्तर पर अधिनियम की बुनियादी समझ बनाने तथा अधिकारो एवं प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी दी जाएगी। इसी क्रम मे 16 से 22 फरवरी तक चौथे सप्ताह के दौरान ‘अहिंसा से अधिकार’ थीम आधारित गतिविधियां होंगी। इनमे विद्यालयों मे पेंटिंग, भाषण एवं अन्य प्रतियोगिताएं, बच्चों की पेंटिंग का प्रदर्शन, रोजगार अधिकार जागरुकता यात्राओं का आयोजन किया जाएगा।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि पांचवें सप्ताह में 23 फरवरी से 1 मार्च तक ‘नए अधिनियम की बात, पंचायती राज पदाधिकारियों के साथ’ के तहत जिला एवं ब्लूक स्तर पर पंचायती राज प्रतिनिधियांे के साथ संवाद होगा। नए अधिनियम का प्रस्तुतीकरण होगा। वहीं अंतिम सप्ताह में 2 से 8 मार्च तक ‘विकसित भारत, श्रमिक सम्मान कार्यक्रम’ के तहत ब्लॉक और जिला स्तर पर कम से कम 100 दिन का रोजगार प्राप्त करने वाले श्रमिकों का सम्मान होगा तथा श्रमिक पुराने और नए कानून के मध्य आए सकारात्मक बदलाव पर चर्चा करेंगे।
