












बीकानेर,राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र, बीकानेर के प्रभागाध्यक्ष डॉ एस सी मेहता के तकनीकी मार्ग-दर्शन में आल इंडिया भीमथड़ी हॉर्स सोसाइटी ने महाराष्ट्र के बारामती शहर में भीमथड़ी घोड़े का तीसरा शो सफलता पूर्वक आयोजित किया गया । इस आयोजन में महाराष्ट्र के उप -मुख्य मंत्री अजित पंवार, शरद पवार एवं अन्य कई गणमान्य जन ने हिस्सा लिया । इस आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए डॉ मेहता ने बताया कि यह आयोजन अन्य अश्व प्रदर्शन से बहुत अलग एवं उत्कृष्ट था । इस शो में जहाँ एक लुप्त प्राय ∶ समझे जाने वाली नस्ल को जन मानस के पटल पर प्रदर्शित किया गया बल्कि इस शो में एक वैज्ञानिक कार्यशाला भी रखी गई एवं स्वदेशी अश्वों से कई अश्व-खेल प्रतियोगिताएँ भी करवाई गई । इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि आल इंडिया भीमथड़ी हॉर्स सोसाइटी के संस्थापक अध्यक्ष रणजीत पवार एवं उनकी टीम ने दो दिन चले इस कार्यक्रम में एक से बढ़कर एक कार्य किये जिसमें सौ से अधिक अश्व पालकों ने भाग लिया । इस कार्यक्रम में नस्ल के सबसे अच्छे घोड़े एवं घोड़ी को पुरस्कृत किया गया वहीं तीन अश्व खेल प्रतियोगिताएँ भी करवाई गई जिनमें पोल बेन्डिंग, बोल एंड बकेट तथा की-होल रेस सम्मिलित थी । चूँकि यह इस नस्ल के घोड़ों का तीसरा प्रदर्शन था इसलिए इस बार अश्व खेल प्रतियोगिताएं का एक अलग ही निखर था जिसको हजार से भी अधिक लोगों ने रुचि पूर्वक देखा ।
इस कार्यक्रम में डॉ मेहता के तकनीकी मार्ग दर्शन में भीमथड़ी घोड़े पर हुए शोध एवं उसके संरक्षण पर कार्यशाला रखी गई जिसको डॉ मेहता ने संबोधित किया एवं इसमें महाराष्ट्र व अन्य प्रदेशों से आए अश्व पालकों ने भाग लिया । इस कार्यशाला में भीमथड़ी नस्ल के संरक्षण की भविष्य की योजनों पर विस्तार से चर्चा की गई एवं आने वाले समय के लिए रूप-रेखा भी बनाई गई । ज्ञात रहे की वर्ष 2024 में इस नस्ल को डॉ मेहता ने ही देश की घोड़ों की 8 वीं नस्ल के रूप में मान्यता दिलवाई थी । इस सन्दर्भ में आगे बात करते हुए डॉ मेहता ने बताया कि अकसर लोग नस्ल को मान्यता दिलवाने तक सक्रीय रहते एवं बाद में कोई उसे देखता भी नहीं है ऐसी स्थिति में कई नस्लें मान्यता प्राप्त करने के पश्चात् भी लुप्त हो जाती है लेकिन आल इंडिया भीमथड़ी हॉर्स सोसाइटी के संस्थापक अध्यक्ष रणजीत पवार के मार्गदर्शन में यह नस्ल उत्तरोत्तर वृद्धि की और अग्रसर है । उक्त कार्यक्रम के आयोजन में सुश्री इरा पवार, केशव जोशी, दिलीप जोशी, सचिन जगताप, हर्षवर्धन, रोहन, डॉ सचिन, श्री सोलासकर एवं कई अश्व प्रमेयों की महत्वपूर्ण भागीदारी रही ।
