












बीकानेर,78वें सेना दिवस के उत्कृष्ट एवं सफल आयोजन के उपलक्ष्य में जयपुर मिलिट्री स्टेशन में एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह का उद्देश्य सेना दिवस परेड 2026 के सुव्यवस्थित एवं अनुकरणीय आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सभी व्यक्तियों को सम्मानित करना था। समारोह की अध्यक्षता लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह, आर्मी कमांडर, सप्त शक्ति कमान ने की। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े सिविल गणमान्य व्यक्तियों तथा सप्त शक्ति कमान के सैन्य कर्मियों को उनके अनुकरणीय समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा के लिए सम्मानित किया, जिनके योगदान से इस विशाल आयोजन का निर्बाध संचालन संभव हो सका और सैन्य–सिविल समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत हुआ। यह समारोह सप्त शक्ति सभागार में आयोजित किया गया, जिसमें सिविल प्रशासन, पुलिस, खुफिया एजेंसियों, सेवा निवृत्त सैनिकों तथा सप्त शक्ति कमान के वीर सैनिकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सिविल अधिकारियों को 13 आर्मी कमांडर प्रशंसा पत्र एवं 08 आर्मी कमांडर प्रशस्ति पत्र, जबकि सैन्य कर्मियों को 40 आर्मी कमांडर प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, समारोह के दौरान एक वेटेरन अचीवर अवार्ड भी प्रदान किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए आर्मी कमांडर ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क की परिकल्पना के अनुरूप राष्ट्रीय आयोजनों को दिल्ली से बाहर आयोजित करने की पहल की गई है। इसी तर्ज पर राजस्थान में यह ऐतिहासिक परेड आयोजित की गयी । उन्होंने जयपुर में सेना दिवस परेड के आयोजन को संभव बनाने के लिए माननीय रक्षा मंत्री एवं थल सेनाध्यक्ष के प्रति आभार व्यक्त किया। आर्मी कमांडर ने राजस्थान के मुख्यमंत्री द्वारा प्रदान किए गए सर्वांगीण सहयोग की भी सराहना की, जिसके अंतर्गत राज्य के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर अनेक आयोजनों का सुचारु संचालन सुनिश्चित हुआ। राजस्थान की जनता की अभूतपूर्व उपस्थिति एवं उत्साह इसी सहयोग का प्रतिफल रहा। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारतीय सेना केवल राष्ट्र की ही नहीं, बल्कि नागरिकों की भी सेना है; अतः सेना दिवस का उत्सव केवल सेना तक सीमित न रहकर नागरिकों की सहभागिता के साथ मनाया जाना चाहिए। आर्मी कमांडर ने बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए ‘समग्र राष्ट्र दृष्टिकोण (Whole of Nation Approach)’ की आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें सैन्य एवं सिविल संस्थाओं के बीच सशक्त समन्वय अनिवार्य है। जयपुर में सेना दिवस परेड के दौरान विभिन्न आयोजनों की योजना, समन्वय एवं संचालन ने सैन्य बलों, सिविल प्रशासन, शैक्षणिक संस्थानों एवं कॉर्पोरेट जगत सहित अनेक एजेंसियों के बीच इस असाधारण तालमेल को प्रदर्शित किया, जो भविष्य के लिए एक प्रभावी उदाहरण सिद्ध होगा। जयपुर में आयोजित सेना दिवस परेड अनेक आयोजनों का एक भव्य उत्सव रही, जिसका विषय था “ भारतीय सेना : शौर्य और बलिदान की परंपरा”। इसमें “डिकेड ऑफ़ ट्रांसफॉर्मेशन”, “ईयर ऑफ़ टेक्नोलॉजी अब्सॉर्प्शन ”, “राष्ट्र निर्माण में पूर्व सैनिकों की भूमिका” तथा “ऑपरेशन सिंदूर”जैसे विषयों को प्रभावशाली रूप से प्रदर्शित किया गया। इस अवसर पर विशाल रक्तदान एवं चिकित्सा शिविर, साइकिल रैली, अपनी सेना को जाने प्रदर्शनी, सेना दिवस परेड तथा भारतीय सेना की शौर्य एवं बलिदान की परंपराओं को सम्मानित करने हेतु भव्य “शौर्य संध्या”का आयोजन किया गया। इन आयोजनों को प्रत्यक्ष रूप से 15 लाख से अधिक लोगों ने देखा, जबकि लाखों दर्शकों ने डिजिटल माध्यमों से इसका अवलोकन किया। राज्य की 12,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से भी कार्यक्रमों का प्रसारण किया गया। मीडिया एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से करोड़ों लोगों ने इस गौरवशाली आयोजन में सहभागिता की। 78वीं सेना दिवस परेड ने इस महान राष्ट्र के प्रत्येक नागरिक के हृदय एवं मस्तिष्क में राष्ट्रवाद और देशभक्ति की अमिट छाप छोड़ी।
