












बीकानेर,आमतौर पर पारिवारिक विवाद से बचने के लिए वसीयत में लेखा जोखा कर दिया जाता है ताकि किसी प्रकार का कोई विवाद न हो। लेकिन कभी आपने ऐसा सुना है कि जरूरतमंद कन्याओं की मदद के लिए ही एक वसीयत लिखी गई हो? नहीं ना,लेकिन ऐसा हुआ है। बीक ानेर के एक परिवार के बुजुर्गों ने एक परंपरा का निर्वाह करने के लिए अपनी वसीयत में कन्याओं की मदद की सीख दी। जी हां हम बात कर रहे है बिन्नाणी चौक के रामगोपाल बिन्नाणी परिवार की।
रामगोपाल बिन्नाणी के दादा स्व मेघराज बिन्नाणी के आदेश पर पिता स्व बुलाकी दास बिन्नाणी ने अपनी वसीयत में तीन पुत्रों को अलग-अलग सामाजिक सरोकार व धार्मिक कार्य करने का उल्लेख किया। जिसमें एक पुत्र रामगोपाल को पुष्करणा सामूहिक विवाह समारोह के दौरान जरू रतमंद कन्याओं को हजारों रुपये के सामान की मदद करने के लिए कहा गया था। रामगोपाल अपने परिजनों की इस परम्परा को आज 132 वर्षों से निभाकर अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन कर रहे है।
जरूरतमंद कन्याओं की करते हैं मदद
बिन्नाणी बताते है कि देने वाले श्रीभगवान-लेने वाले श्रीभगवान के भावों के साथ पुष्करणा समाज के होने वाले सामूहिक विवाह समारोह में सैकड़ों कन्याओं को सामान रूप में सहयोग दिया जाता है।इसमें आभूषण के अलावा खाद्य सामग्री,बर्तन शामिल है। इस पुनीत कार्य में उनके मित्र मंडल दिन रात सेवा करते हैं। यह सामान विवाह समारोह की तिथि से दस दिन पहले दिया जाता है। बिन्नाणी बताते है कि इसमें केवल एक समाज की नहीं बल्कि सर्वसमाज की कन्याओं को यह सामग्री दी जाती है। साथ ही पूरे साल अगर कोई जरूरतमंद कन्या मदद के लिए आती है तो उसे भी सहयोग किया जाता है। इसके लिए बकायदा एक रजिस्टर बनाया गया है,जिसमें कन्याओं की ओर से दिए जाने वाले वैवाहिक कार्ड का पंजीयन कर लिस्ट तैयार की जाती है।
दो दिन दिया जाएगा सामान
बिन्नाणी ने बताया कि इस बार 31 जनवरी व एक फरवरी को इस सावे में परिणय सूत्र में बंधने वाली जरूरतमंद कन्याओं को सामान वितरित किये जाएंगे। जिसका पंजीयन शुरू हो चुका है। इसके लिये परिणय सूत्र में बंधने वाली कन्या व उसके माता-पिता के आधार कार्ड के साथ विवाह का कार्ड पूर्व में जमा करवाना पड़ेगा।
ये लोग करते है सेवाकार्य
बिन्नाणी परिवार की ओर से दिए जाने वाले सामान के लिये एक टीम रामगोपाल बिन्नाणी के साथ दिन रात काम करती है। जिसमें किशन लोहिया,रामजी व्यास,गट्टू राठी,श्याम सुन्दर राठी,भरत मोहता,किशन सिंघी,शिवकुमार चांडक,केदार आचार्य,गोविन्द बिन्नाणी,निर्मल दम्माणी,हरिकिशन चांडक,देवकिशन लखोटिया,दर्श बिन्नाणी,विधि बिन्नाणी,किरण बिन्नाणी,भवानी शंकर पुरोहित,दिलीप जोशी का बड़ा सहयोग रहता है।
