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बीकानेर,धनीनाथ गिरि मठ पंच मंदिर,बीकानेर सहित देश के करीब 70 मठों व मंदिरों अधिष्ठाता, महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती ने कहा है कि भारत को विश्व गुरु केे रूप् में प्रतिष्ठित करने, सनातन धर्म व संस्कृति की रक्षा के लिए हिन्दुओं में संगठन व शक्ति की आवश्यकता है। जाति, समुदाय व पंथ को भूलकर सनातन हिन्दू धर्म कार्यक्रमों में व गतिविधियों में भागीदारी से ही संगठन मजबूत होगा।
स्वामी विशोकानंद भारती रविवार को धनीनाथ पंच मंदिर परिसर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की माकेण्डेय नगर की अम्बेडकर बस्ती के 31 जनवरी को जस्सूसर गेट के बाहर पाराशर भवन में होने वाले विराट हिन्दू सम्मेलन के बैनर के विमोचन व जन संपर्क अभियान के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि विश्व के इतिहास में एक हजार करोड़ वर्ष पुराना ऋग्वेद है। जब से परमात्मा ने सृष्टि रची है तब से वह मानव जगत का संविधान है। अर्थवेद में कहा है कि नेता सिद्धुनाम से हिन्दू शब्द की उत्पति हुई है। जो अहिंसा आदि दुष्कर्मों से मनुष्य को मुक्त व शुद्ध करता है वह हिन्दू कहलाता है। हिन्दुस्तान व हिन्दू विश्व गुरु रहे है। वर्तमान परिस्थितियों व समय में विश्व गुरु भारत और हिन्दू जाति को आगे लाने की आवश्यकता हो गई है। हिन्दू समाज की एकता, सांस्कृतिक चेतना, धार्मिक परम्पराओं के सुदृढिकरण एवं समाज शक्ति को संगठित करने से ही सनातन धर्म, राष्ट्र की रक्षा होगी।
महामंडलेश्वरजी ने कहा कि ’’संघे शक्ति कलयुगे’’ कलयुग में संगठन में ही शक्ति है। वर्तमान समय में हिन्दुओं की संख्या व संगठन पर विशेष ध्यान देना चाहिए और हर परिवार में कम से पांच पाडंवों की तरह हिन्दू रक्षक होने चाहिए। जिना उद्धेश्य । उन्होंने कहा कि तमाम सम्प्रदायों व विचारों की स्थाना हिन्दू धर्म से हुई हैै। हिन्दू धर्मावलम्बी जितने भी है वे दया से ही दुख पाते है। दया किस परहोनी चाहिए, इस पर चिंतन मनन कर दया व करुणा करनी चाहिए । भगवान राम व कृष्ण ने शक्ति से दुष्टों का शमन किया। राजनीति से राजाओं को परास्त किया। प्रेम व ज्ञान से जिज्ञासुओं को तृप्त करते हुए परमपद की प्राप्ति की है।
अम्बेडकर बस्ती हिन्दू सम्मेलन आयोजन समिति के अध्यक्ष पूर्व पार्षद श्याम सुन्दर चांडक, महासचिव नारायण बिहाणी, उपाध्यक्ष ताराचंद गहलोत, कोषाध्यक्ष नारायण बिहाणी, बस्ती प्रमुख शिव सोनी, शाखा प्रमुख अनिल पांडे,भाजपा जस्सूसर मंडल अध्यक्ष दिनेश चौहान, मैढ़ क्षेत्रीय स्वर्णकार भवन, रानी बाजार के अध्यक्ष, भारतीय संस्कृृति एवं सनातन सार्वभौम महासभा, राष्ट्रीय अध्यक्ष ,संयोजक श्री विप्र महासभा योगेन्द्र कुमार दाधीच, बजरंग चांडक, मूलचंद करनाणी, विजय चांडक, महावीर गहलोत, धु्रव सोनी व अनेक महात्मा मौजूद थे।

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