Trending Now

बीकानेर,ऊंट पर आयोजित ऊंट का इतिहास विरासत के साथ प्रदर्शनी को विद्या प्रतिष्ठान के अंदर लगाया गया था\ प्रदर्शनी को देखने के लिए बीकानेर पश्चिम के माननीय विधायक जेठानंद व्यास स्वयं राजस्थान प्राचार्य विद्या प्रतिष्ठान पहुंच, प्रदर्शनी का अवलोकन किया और अवलोकन पश्चात उन्होंने ऊंट की उपयोगिता में प्राप्त तथ्यों के विजिटर बुक में भी अंकन किया एवं बताया कि 6000 साल पुराने ऊंट के इतिहास जो विभिन्न सांस्कृतिक सोपनो से होकर गुजर हो हमारी सांस्कृतिक अस्मिता व ऐतिहासिक स्मृति पहचान का स्रोत है\ पश्चिमी राजस्थान की अर्थव्यवस्था में ऊंट के कृषिगत उपयोग के साथ साथ ऊंट दूध, डायबिटीज के रोगों के लिए वर्तमान में प्रासंगिक है\ राज्य सरकार द्वारा चलाई जारी योजनाओं में ऊंट की संख्या बढ़ाने के हर संभव प्रयास किया जा रहे हैं पश्चिमी राजस्थान में ऊंट की भूमिका सर्वाधिक है\ प्रदर्शनी के अंदर महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के विद्यार्थी, बिनानी कन्या पीजी महाविद्यालय के विद्यार्थी, राजकीय गंगा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थी, महारानी सुदर्शना महाविद्यालय के विद्यार्थी ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया\ राष्ट्रीय ऊंट रिसर्च संस्थान के निदेशक अनिल कुमार पुनिया भी इस प्रदर्शनी को ऊंट के प्रति जागरूकता बढ़ाने में योगदान को बताया\ एडीएम प्रशासन श्री सुरेश कुमार यादव भी आए और उन्होंने भी इस प्रदर्शनी में ऊंट के प्रति विभिन्न पक्षों को ध्यान में रखते हुए प्राप्त जानकारी को बहुत ही महत्वपूर्ण बताया, पर्यटन विभाग, अन्य आयोजक संस्थाओं का ऐसी ज्ञानवर्धक प्रदर्शनी के लिए आभार जताया \ प्रदर्शनी संकलनकर्ता डॉ नितिन गोयल ने सभी पधारे गणमान्य का आभार व्यक्त किया एवं भविष्य में भी जीवन उपयोगी विषय को केंद्रित कर और रोचक ज्ञानवर्धक प्रदर्शनी लगाने का विश्वास जताया \ प्रदर्शनी को अभी तक 15000 से अधिक देशी पर्यटक एवं 300 से अधिक विदेशी पर्यटकों के द्वारा देखा गया।

Author