












बीकानेर,जयपुर रोड स्थित प्रसिद्ध श्याम मंदिर में आज षटतिला एकादशी एवं मकर संक्रांति के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा। अलसुबह से ही बाबा श्याम के दर्शन हेतु भक्त मंदिर परिसर में पहुंचने लगे। भजन-कीर्तन, जयकारों और भक्तिमय वातावरण से पूरा मंदिर प्रांगण गुंजायमान हो उठा।
इस शुभ अवसर पर भक्तों द्वारा बाबा श्याम को विभिन्न प्रकार के प्रसादों का भोग अर्पित किया गया। विशेष रूप से तिल से बने विविध प्रसाद चढ़ाए गए। बाबा का भव्य एवं आकर्षक फूलों से श्रृंगार किशन शर्मा एवं चेतन शर्मा द्वारा किया गया, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में बाबा को पतंग की माला भी पहनाई गई, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।
मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं द्वारा दूध, चाय एवं कॉफी की सेवा लगाई गई, जो शाम तक निरंतर चलती रही। इसके साथ ही बाबा के भक्तों द्वारा केसर युक्त दूध का वितरण भी किया गया। आने-जाने वाले सभी श्रद्धालुओं को गुलाब का फूल, इत्र तथा फल-फ्रूट का प्रसाद वितरित किया गया।
इस अवसर पर मंदिर परिसर में भक्तों द्वारा भजन-कीर्तन एवं नृत्य किया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिरस में सराबोर हो गया। वहीं, मंदिर प्रांगण में हवन का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आहुति अर्पित की।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार षटतिला एकादशी का व्रत जीवन से सभी कष्टों एवं दोषों को दूर कर मनोकामनाएं पूर्ण करने वाला माना जाता है। शास्त्रों में उल्लेख है कि इस व्रत की पूजा तब तक अधूरी मानी जाती है, जब तक भगवान विष्णु की महिमा का गुणगान करने वाली कथा का पाठ नहीं किया जाता। इसे पुण्य फल प्रदान करने वाली श्रेष्ठ एकादशी कहा गया है।
इस पावन अवसर पर श्याम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारीगण विशेष रूप से उपस्थित रहे। ट्रस्ट अध्यक्ष के. के. शर्मा के नेतृत्व में सुरेश चंद्र भसीन, बृजमोहन जिंदल, ओम जिंदल एवं सुरेश अग्रवाल सहित अन्य ट्रस्ट सदस्य सेवा कार्यों में सक्रिय रूप से लगे रहे। ट्रस्ट की सजगता और बेहतर समन्वय के चलते दर्शन व्यवस्था, प्रसाद वितरण एवं सेवा कार्य शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए।
विशेष बात यह रही कि कई श्रद्धालुओं ने वीडियो कॉल के माध्यम से बाबा श्याम के दर्शन किए। इसी क्रम में गाजियाबाद (वसुंधरा) निवासी नेहा गोयल ने भी वीडियो कॉल के जरिए बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया।
मंदिर समिति एवं सेवाभावी श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी से यह धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण, भक्तिमय एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
