












बीकानेर,आर्मी डे से पूर्व बीकानेर रणबांकुरा डिवीजन द्वारा बीकानेर मिलिट्री स्टेशन में आयोजित ‘नो योर आर्मी’ कार्यक्रम ने पूरे शहर को देशभक्ति, सैन्य गौरव और युवा ऊर्जा से सराबोर कर दिया। इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं, विशेषकर बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को भारतीय सेना की भूमिका, उसकी आधुनिक क्षमताओं और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत विकसित स्वदेशी रक्षा तकनीकों से रूबरू कराना था।यह कार्यक्रम सेना और आम नागरिकों के बीच सेतु का काम करता नजर आया, जहां छात्रों को न केवल सेना के अनुशासन और पराक्रम को देखने का अवसर मिला, बल्कि सैनिकों से सीधे संवाद कर उनके जीवन, प्रशिक्षण और कर्तव्यों को समझने का भी मौका मिला। पूरे मिलिट्री स्टेशन का माहौल राष्ट्रभक्ति और गर्व से भरा हुआ था।
*मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री प्रदर्शनी में दिखी भारतीय सेना की आधुनिक ताकत*
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री की भव्य प्रदर्शनी रही, जिसमें भारतीय सेना के आधुनिक हथियार, टैंक, बख्तरबंद वाहन और स्वदेशी रक्षा उपकरण प्रदर्शित किए गए। छात्रों को BMP इन्फेंट्री कॉम्बैट व्हीकल, T-90 और T-72 जैसे अत्याधुनिक मुख्य युद्धक टैंक, आधुनिक राइफल, मशीनगन और आर्टिलरी सिस्टम के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
सैन्य अधिकारियों ने इन हथियार प्रणालियों की कार्यप्रणाली, सामरिक उपयोग और तकनीकी विशेषताओं को सरल भाषा में समझाया। खासतौर पर इस बात पर जोर दिया गया कि भारत अब रक्षा क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है और स्वदेशी तकनीक के जरिए देश की सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है।
*टैंक राइड का रोमांच, छात्रों ने महसूस की सैनिकों की दुनिया*
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को टैंक राइड का अनोखा और रोमांचक अनुभव भी कराया गया। भारी-भरकम टैंकों की गर्जना, उनकी ताकत और सैन्य माहौल ने छात्रों को रोमांचित कर दिया। यह अनुभव उनके लिए न सिर्फ रोमांचक था, बल्कि प्रेरणादायक भी रहा।
इस खास मौके पर बीकानेर की जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णी ने स्वयं टैंक राइड कर एक मजबूत संदेश दिया कि सेना और सिविल प्रशासन एक साथ मिलकर युवाओं को प्रेरित कर रहे हैं। उनकी इस पहल ने विशेष रूप से बालिकाओं को आत्मविश्वास और साहस का संदेश दिया।
*बालिकाओं को सेना से जोड़ने की विशेष पहल*
इस कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य बालिकाओं को भारतीय सेना से जोड़ना और उन्हें रक्षा क्षेत्र में करियर के लिए प्रेरित करना रहा। इसके लिए विशेष संवाद सत्र आयोजित किए गए, जिनमें महिला अधिकारियों और वरिष्ठ सैन्य अफसरों ने छात्राओं से बातचीत की।
इन सत्रों में सेना में उपलब्ध करियर अवसरों, महिला अधिकारियों की बढ़ती भूमिका, प्रशिक्षण प्रक्रिया और नेतृत्व के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि आज भारतीय सेना में महिलाएं न केवल प्रशासनिक भूमिकाओं में, बल्कि फील्ड और कमांड पदों पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं।
बालिकाओं को यह संदेश दिया गया कि वे भी वर्दी पहनकर देश की सेवा कर सकती हैं और किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं।
*ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री ने जगाया देशभक्ति का जज्बा*
कार्यक्रम में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई, जिसमें भारतीय सेना के साहस, रणनीतिक कौशल और पाकिस्तान को दिए गए करारे जवाब को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।डॉक्यूमेंट्री में यह भी दिखाया गया कि बीकानेर आर्मी डिवीजन ने इस ऑपरेशन में किस तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। असली फुटेज और विशेषज्ञों की जानकारी के जरिए छात्रों को आधुनिक युद्ध रणनीति और सेना की तैयारी के बारे में समझाया गया।इस डॉक्यूमेंट्री ने छात्रों के मन में देशभक्ति की भावना को और मजबूत कर दिया।
*आर्मी मेडिकल कोर द्वारा स्वास्थ्य जांच शिविर*
सैन्य जागरूकता के साथ-साथ मानव सेवा का संदेश देते हुए आर्मी मेडिकल कोर द्वारा मिलिट्री स्टेशन में एक स्वास्थ्य जांच शिविर भी आयोजित किया गया। इसमें छात्रों और आगंतुकों की सामान्य चिकित्सा जांच, फिटनेस टेस्ट और स्वास्थ्य परामर्श दिया गया।इस पहल से यह संदेश गया कि भारतीय सेना केवल देश की रक्षा ही नहीं करती, बल्कि समाज की सेवा में भी हमेशा आगे रहती है।
*जिला कलेक्टर का संदेश: बेटियां हर मोर्चे पर सक्षम*
जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णी ने कहा कि आज की बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं और भारतीय सेना में उनके लिए असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बालिकाओं को आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय सेना में महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है और भविष्य में यह और भी प्रभावशाली होगी।
*वरिष्ठ सैन्य और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति*
कार्यक्रम में बीकानेर मिलिट्री स्टेशन के जीओसी मेजर जनरल श्री दीपक शिवरान, आवा से श्रीमती वैशाली शिवरान, जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णी, महिला एवं बाल अधिकारिता विभाग की श्रीमती अनुराधा सक्सेना सहित कई वरिष्ठ सैन्य और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।सभी अतिथियों ने छात्रों को संबोधित करते हुए भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की तैयारियों पर प्रकाश डाला।
*सेना–सिविल इन्फ्यूजन से मजबूत हुआ जन-सैन्य संबंध*
यह कार्यक्रम सेना और आम जनता के बीच मजबूत संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। छात्रों को सेना की कार्यप्रणाली, अनुशासन और बलिदान को करीब से समझने का अवसर मिला।सेना ने यह संदेश दिया कि वह न केवल सीमा पर देश की रक्षा करती है, बल्कि समाज से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में भी योगदान देती है।
*छात्रों ने बताया अनुभव को प्रेरणादायक*
कार्यक्रम में शामिल छात्र-छात्राओं ने इसे बेहद प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक बताया। कई छात्रों ने कहा कि अब वे सेना को सिर्फ खबरों में नहीं, बल्कि अपने दिल से समझते हैं।बालिकाओं ने विशेष रूप से सेना में करियर को लेकर उत्साह दिखाया और कहा कि वे भी देश की सेवा करना चाहती हैं।
राष्ट्रभक्ति, आत्मनिर्भरता और नारी सशक्तिकरण का संदेश
कुल मिलाकर, बीकानेर मिलिट्री स्टेशन में आयोजित ‘नो योर आर्मी’ कार्यक्रम न केवल एक सैन्य प्रदर्शनी था, बल्कि यह राष्ट्रभक्ति, आत्मनिर्भर भारत और नारी सशक्तिकरण का मजबूत संदेश देने वाला मंच भी साबित हुआ।
इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जब सेना, प्रशासन और समाज एक साथ आते हैं, तो एक जागरूक, अनुशासित और देशभक्त पीढ़ी तैयार होती है।
