












बीकानेर,भाजपा-आरएसएस द्वारा मनरेगा महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को कमजोर करने रोजगार के कानूनी अधिकार को समाप्त करने तथा महात्मा गांधी के नाम को हटाने की साज़िश के विरोध में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर संपूर्ण भारत वर्ष में मनरेगा बचाओ संग्राम जनांदोलन के क्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार आज से ग्राम पंचायत स्तर पर जनसम्पर्क तथा चौपालों का आगाज़ जिला कांग्रेस कमेटी देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग व शहर अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल के संयुक्त नेतृत्व में उदयरामसर ग्राम पंचायत से शुरू किया।
इस कार्यक्रम के तहत केन्द्र सरकार की जनविरोधी नीतियों मनरेगा को बहाल करने व काम के अधिकार की रक्षा के लिए उदयरामसर बाईपास से दोपहर 03ः30 बजे माहेश्वरी भवन तक पैदल यात्रा कर भवन में सभा आयोजित की।
ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलने के पिछे मोदी सरकार का मन्तव्य फैसले दल्ली रिमोट कंट्रोल से लेने पर केन्द्रित हैं। ग्राम पंचायत की शक्तियां ठेकेदारों को सौंपी जाएगी। पहले मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों को अपने गाँव के विकास के लिए विभिन्न कार्योें में मज़दूरों को नियोजित करने का अधिकार था, जो अब नहीं रहेगा।
शहर अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल ने कहा कि ग्राम पंचायत अपना अधिकार खो देगी और केवल मोदी सरकार के आदेशों को लागू करने वाली एजेंसी बनकर रह जाएगी। ठेकेदारों को लाया जाएगा, और मज़दूरों को ठेकेदारों की परियोजनाओं के लिए लेबर सप्लाई में बदल दिया जाएगा। स्थानीय कार्यों के लिए मनरेगा मेट्स नहीं होंगे।
जिला प्रमुख मोडाराम मेघवाल ने कहा कि मनरेगा में मोदी सरकार के बदलाव आपके काम के संवैधानक अधिकार पर हमला हैं। पहले मनरेगा के तहत देश भर के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को काम की कानूनी गारंटी प्राप्त थी। अब मोदी सरकार के इन बदलावों के बाद काम का अधिकार नहीं रहेगा, बिल्क सरकार की मर्जी से बाँटी जाने वाली एक “रेवड़ी” बन जाएगा।
सरपंच हेमन्त सिंह यादव ने कहा कि फसल कटाई के मौसम में काम की अनुमति नहीं होगी, जिससे मज़दूरों की अन्य काम देने वालों से बेहतर मज़दूरी की माँग करने की ताक़त कमज़ोर होगी और उन्हें बिना न्यूनतम मज़दूरी के, जो भी काम मिलेगा, उसे स्वीकार करने को मजबूर किया जाएगा।
जिला संगठन प्रहलादसिंह मार्शल ने बताया कि पद यात्रा में नीरू चौधरी,डॉ प्रिती मेघवाल,निरमा मेघवाल ओमप्रकाश शर्मा देशनोक, अम्बाराम इनखिया,पूनमचंद भाम्भू, धर्मचन्द,ओम प्रकाश सियाग,राजपाल कुलहरी,गौरव यादव, कर्मेंद्र प्रताप सिंह,वीरेंद्र सिंह यादव,रूप सिंह पंवार,रामेश्वर लेखाला (पूर्व सरपंच उदयरामसर),रूपाराम रैगर, सत्यवीर राव,नारायण सिंह यादव, ताराचंद पुरोहित, राकेश गौर, कैलाश गौर, चेलाराम मेघवाल, शिव सुथार भंवर रामावत सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे ।
