












बीकानेर,आजकल मोबाइल हॉटस्पॉट साइबर क्रिमिनल्स का नया हथियार बन गया है। तरीका बहुत साधारण होता है कोई अनजान व्यक्ति आपके पास आकर कहेगा,
भैया, मेरा रिचार्ज ख़त्म हो गया क्या आप अपना हॉटस्पॉट दे दोगे? WhatsApp कॉल करनी है।”
जैसे ही आप मदद के भाव से हॉटस्पॉट ऑन कर देते हैं,आपका फोन उसी समय साइबर अटैक के खतरे में आ जाता है, और आपको इसका एहसास भी नहीं होता।
कैसे होता है अटैक?
जैसे ही आपका हॉटस्पॉट उसके फोन से कनेक्ट होता है, आप दोनों एक ही नेटवर्क पर आ जाते हैं।
इस स्थिति में वह व्यक्ति आपके फोन में मैलवेयर (Malware) डाल सकता है—
बिल्कुल वैसे ही जैसे पहले ब्लूटूथ से फाइल भेजी जाती थी, लेकिन फर्क यह है कि यहाँ वो फोटो, वीडियो नहीं बल्कि हैकिंग प्रोग्राम भेजता है, जो बिना दिखाई दिए इंस्टॉल हो जाता है।
एक बार malware आ गया तो:
आपके फोन की कॉल, SMS,
OTP,
UPI ट्रांजैक्शन,
और यहां तक कि बैंकिंग ऐप्स
सबकुछ उसके कंट्रोल में जा सकता है।
आपके फोन की पूरी सिस्टम एक्टिविटी उसके हाथ में आ जाती है।
आप कैसे सुरक्षित रहें?
1. हॉटस्पॉट हमेशा पासवर्ड प्रोटेक्टेड रखें।
2. किसी भी अनजान व्यक्ति को किसी भी परिस्थिति में हॉटस्पॉट न दें।
3. हॉटस्पॉट का उपयोग न हो तो उसे तुरंत OFF कर दें।
4. ब्लूटूथ भी बिना आवश्यकता के हमेशा बंद रखें।
5. सार्वजनिक जगहों पर (जैसे बस, ट्रेन, बाजार) विशेष सतर्क रहें।
आपकी एक छोटी सी सावधानी आपको बड़ी साइबर ठगी से बचा सकती है। सुरक्षित रहें, जागरूक रहें।
