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बीकानेर,इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर के छात्र गतिविधि केंद्र के तत्वावधान में विक्रम संवत्सर चैत्र प्रतिपदा के उपलक्ष्य में नव वर्ष 2082 के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। भारतीय संस्कृति और परंपराओं को समर्पित इस आयोजन में विद्यार्थियों, शिक्षकों और गणमान्य अतिथियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

संस्कृति और परंपरा का अद्भुत समागम

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्वलन से हुआ। अभियांत्रिकी महाविद्यालय बीकानेर प्राचार्य के साथ वरिष्ठ प्रोफेसरों और अतिथियों ने छात्र-छात्राओं के साथ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर ज्ञान की देवी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

अभियांत्रिकी महाविद्यालय बीकानेर के प्राचार्य डॉ ओम प्रकाश जाखड़ ने अपने उद्बोधन में विक्रम संवत् चैत्र प्रतिपदा के इस नव वर्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे नवीन ऊर्जा और शुभता का प्रतीक बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय परंपराओं को आत्मसात करने की प्रेरणा दी।

आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ

कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा भगवान गणेश की स्तुति में शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किया गया, जो दर्शकों को भावविभोर कर गया। इसके बाद देशभक्ति और सरस्वती वंदना पर आधारित मधुर गायन प्रस्तुति ने सभा को मंत्रमुग्ध कर दिया।

विशेष आकर्षण के रूप में एक छात्र द्वारा प्रस्तुत बांसुरी वादन ने शांति और आध्यात्मिकता का संचार किया। इसकी सुरम्य धुनों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मुख्य अतिथि का प्रेरणादायक संदेश

मुख्य अतिथि विनायक (प्रचारक, बीकानेर) ने भारतीय संस्कृति और इस नव वर्ष के वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े रहने की प्रेरणा दी।

समापन और शुभकामनाएँ

रजिस्ट्रार अमित कुमार सोनी ने समापन भाषण में कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की और पिछले 15 वर्षों की भारत में नवाचारों से अवगत कराते हुए सभी को नव वर्ष की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को नियमित रूप से करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जोड़ा जा सके।

नव ऊर्जा का संचार

छात्र गतिविधि केंद्र समन्वयक डॉ अंकुर गोस्वामी ने बताया कि इस आयोजन ने न केवल सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना को जागृत किया बल्कि विद्यार्थियों को नव वर्ष के सकारात्मक संदेश से भी प्रेरित किया। कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों ने नव ऊर्जा, उत्साह और उमंग के साथ इस पर्व को मनाया।

उपस्थिति
कार्यक्रम में उपस्थित लगभग 200 से अधिक छात्र छात्राओं के अतिरिक्त महाविद्यालय के व्याख्याताओं में डॉ नरपत सिंह , डॉ सुरेंद्र सिंह तंवर, डॉ चक्रवर्ती नारायण श्रीमाली, डॉ विकास शर्मा, डॉ गणेश प्रजापत, मनोज छींपा एवं समस्त अशैक्षणिक स्टाफ ने कार्यक्रम का भरपूर लाभ उठाया ।

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