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जयपुर,बीकानेर,कोलायत विधानसभा क्षेत्र के विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने राजस्थान विधानसभा में नियम 295 के तहत डीएमएफटी (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट) निधि के न्यायसंगत वितरण की मांग को प्रमुखता से उठाया।
विधायक भाटी ने कहा कि भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा 15 जनवरी 2024 को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, डीएमएफटी निधि का न्यूनतम 70% भाग खनन से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों में खर्च किया जाना अनिवार्य है। इसके बावजूद, कोलायत विधानसभा क्षेत्र, जो बीकानेर जिले का प्रमुख खनन क्षेत्र है और डीएमएफटी फंड में 62.88% का योगदान करता है, उसे मात्र 31.6% राशि ही विकास कार्यों के लिए आवंटित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि खनन से प्रभावित क्षेत्रों की सड़कों की हालत खराब है, प्रदूषण के कारण ग्रामीणों का स्वास्थ्य खतरे में है, और बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है। ऐसे में डीएमएफटी फंड का उचित और न्यायसंगत आवंटन बेहद जरूरी है, ताकि प्रभावित क्षेत्र के लोगों को उनका अधिकार मिल सके।
विधायक भाटी ने सरकार से मांग की कि डीएमएफटी फंड का वितरण प्रभावित क्षेत्रों के योगदान के अनुपात में किया जाए, ताकि उन ग्रामीणों को राहत मिल सके जो दिन-रात खनन कार्यों के कारण धूल, धुएं और शोर-शराबे के बीच जीवन व्यतीत कर रहे हैं।