













बीकानेर,न्यायालयों में शुरू से ही लेखन कार्य में अमल में लाई जाने वाली भाषा में अधिकतर ऊर्दू का उपयोग का होता है इसी आशय को लेकर देश के कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से लूणकरणसर में तैनात पिएलवी पैनल सदस्य श्रेयांस बैद ने पत्र लिखकर बताया कि थानों में दर्ज प्राथमिकी से लेकर निचली अदालतों में आने वाले समस्त प्रकरणों में हिंदी के साथ ऐसे शब्दों के उपयोग आम जन की समझ से बाहर हो जाते हैं अब समय परिवर्तन के साथ ही ऐसे शब्दों को हटाकर आम बोलचाल की भाषा में प्राथमिकी दर्ज करने से लेकर अदालत में प्रस्तुत किया जाए जिससे पुराने जमाने से चली आ रही परंपरा में बदलाव आए । गौरतलब है की उच्च न्यायालय व हाई कोर्ट में वर्तमान में इंग्लिश का उपयोग होने लगा है जबकि राजभाषा हिंदी का उपयोग कम हो रहा है । जो बेहद चिंतनीय विषय है । न्यायालयों में आम बोलचाल की भाषा को प्राथमिकता के साथ लागू किये जाने से आम नागरिक को कानून की भाषा समझ में आने लगेगी ।
