












बीकानेर,बीकानेर संभाग के सबसे बड़े और प्रमुख खेल परिसर डॉ. करणी सिंह स्टेडियम को गैर-खेल आयोजनों से मुक्त कर केवल खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित घोषित करने की माँग तेज़ हो गई है। इस मुद्दे को मजबूती से उठाते हुए पूर्व राजस्थान बास्केटबॉल टीम के कप्तान दानवीर सिंह भाटी ने भजनलाल शर्मा के नाम एक औपचारिक पत्र प्रेषित किया है।
अपने पत्र में भाटी ने रेखांकित किया कि डॉ. करणी सिंह स्टेडियम बीकानेर के हजारों खिलाड़ियों के लिए एथलेटिक्स, फुटबॉल, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, क्रिकेट सहित विभिन्न खेलों के नियमित अभ्यास का प्रमुख और कई मामलों में एकमात्र केंद्र है। यहाँ ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के युवा अपनी प्रतिभा निखारने के साथ-साथ सेना, पुलिस, अर्धसैनिक बलों एवं खेल कोटे की भर्तियों की गंभीर तैयारी करते हैं।
उन्होंने चिंता जताई कि हर वर्ष जिला प्रशासन द्वारा दशहरा दहन, कैमल फेस्टिवल तथा अन्य सरकारी-गैर सरकारी कार्यक्रमों के लिए स्टेडियम उपलब्ध करा दिया जाता है, जिनका खेलों से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं होता। इन आयोजनों के चलते कई-कई दिनों तक स्टेडियम बंद रहता है, जिससे खिलाड़ियों की दिनचर्या बाधित होती है और उनकी फिटनेस, तकनीक व प्रतियोगी तैयारियों पर गहरा नकारात्मक असर पड़ता है।
भाटी ने यह भी बताया कि भारी मंच, टेंट, वाहनों की आवाजाही, बैरिकेडिंग और बड़ी भीड़ के कारण एथलेटिक्स ट्रैक और मैदान की घास को नुकसान पहुँचता है। मैदान में गड्ढे, सख्त मिट्टी और असमतल सतह बनने से खिलाड़ियों के घायल होने का जोखिम बढ़ जाता है—जो उनके करियर और भविष्य दोनों के लिए घातक सिद्ध हो सकता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि स्टेडियम को केवल खेल गतिविधियों एवं राष्ट्रीय पर्वों के लिए आरक्षित घोषित किया जाए तथा सभी सांस्कृतिक, राजनीतिक, धार्मिक व अन्य गैर-खेल आयोजनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही, ऐसे आयोजनों के लिए शहर में वैकल्पिक स्थलों का स्पष्ट निर्धारण किया जाए, ताकि खिलाड़ियों का अभ्यास बाधित न हो और स्टेडियम की मूल संरचना सुरक्षित रह सके।
अंत में, दानवीर सिंह भाटी ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार का यह दूरदर्शी निर्णय बीकानेर के हजारों खिलाड़ियों को निरंतर अभ्यास का अवसर देगा और राजस्थान की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
