












बीकानेर, स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर डॉ राजेंद्र बाबू दुबे ने शनिवार को विश्वविद्यालय स्थित समन्वित कृषि प्रणाली इकाई का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ दीपाली धवन ने उन्हें यूनिट में संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। डॉ धवन ने यहां बकरी व भेड़पालन , अजोला फर्न यूनिट, वर्मीकम्पोसट उत्पादन सहित अन्य गतिविधियों के बारे में बताया।
डॉ दुबे ने कहा कि समन्वित कृषि प्रणाली के माध्यम से किसान खेती के साथ पशुपालन , मत्स्य या मुर्गी पालन तथा बागवानी इत्यादि अपना कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। समन्वित कृषि आज की आवश्यकता है। विश्वविद्यालय की यह यूनिट किसानों के लिए एक मॉडल की तरह कार्य करें। किसानों को समन्वित खेती के लिए प्रेरित करने हेतु आवश्यक समन्वय कर इसे और विकसित करें तथा इस यूनिट के भ्रमण के लिए किसानों को नियमित रुप से आमंत्रित करें, यहां की गतिविधियां किसानों को इस मॉडल को अपनाने हेतु प्रेरित करेगी। डॉ दीपाली धवन ने बताया कि यहां संचालित बकरी पालन इकाई में सिरोही नस्ल की बकरियां व मेमने रखे गए हैं तथा भेड़ पालन यूनिट में भी उन्नत किस्म के भेड़ रखी गई है। कुल गुरु ने मुर्गी पालन, अजोला, वर्मी कंपोस्ट सहित विभिन्न इकाइयों का निरीक्षण कर समुचित साफ़ सफाई, पशुओं के स्वास्थ्य देख-रेख के निर्देश दिए। इस दौरान कृषि विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ पी के यादव, केवीके बीकानेर प्रभारी डॉ दुर्गा शंकर, डॉ मदन लाल रेगर सहित अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।
